दुमका में 13 सूत्री मांगों को लेकर विद्यालय रसोइयों का धरना, प्रशासन को सौंपा मांगपत्र

झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की जिला कमेटी ने मानदेय, कर्मचारी का दर्जा, बीमा और पेंशन समेत 13 मांगों को लेकर दुमका में एक दिवसीय धरना दिया।

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दुमका के पुराना समाहरणालय परिसर में शनिवार को झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की जिला कमेटी ने 13 सूत्री मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। प्रदर्शन के बाद संघ ने जिला शिक्षा अधीक्षक और उपायुक्त को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम संबोधित मांगपत्र सौंपा।

धरने की अध्यक्षता सोलमा किस्कू ने की, जबकि संचालन दुलाड़ टुडू ने किया। संघ के जिला महासचिव और राज्य उपाध्यक्ष भुण्डा बास्की ने कहा कि विद्यालयों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयां लंबे समय से काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें अब तक मजदूर का दर्जा और न्यूनतम मजदूरी नहीं मिली है। ये बातें संघ की ओर से धरने के दौरान रखी गईं।

मांगपत्र में रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने अथवा 42 हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने की मांग शामिल है। संघ ने नियुक्ति नियमावली बनाने, पांच लाख रुपये का बीमा देने और हर महीने की पांच तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया।

रसोइयों ने बकाया मानदेय का भुगतान दुर्गा पूजा से पहले करने तथा साल में दो सेट यूनिफॉर्म के लिए दो हजार रुपये देने की मांग रखी। सूची में मातृत्व अवकाश, 60 वर्ष की आयु संबंधी बाध्यता समाप्त कर पेंशन की व्यवस्था और मृत रसोइया के आश्रित को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की मांग भी शामिल है।

संघ ने प्रधानमंत्री पोषण योजना को गैर-सरकारी संगठनों से मुक्त रखने और प्रत्येक 25 बच्चों पर एक रसोइया नियुक्त करने की मांग की। वक्ताओं ने योजना को निजी कंपनियों को सौंपे जाने की आशंका जताते हुए कहा कि संघ इसका विरोध करेगा। यह संघ का दावा है; इस संबंध में सरकार का पक्ष उपलब्ध विवरण में नहीं दिया गया है।

धरने में जिला सचिव सावित्री टुडू, एमेली मुर्मू, बबली टुडू, अनिता मुर्मू और रानी टुडू सहित बड़ी संख्या में विद्यालय रसोइयां शामिल हुईं। मांगपत्र सौंपे जाने के बाद प्रशासन की ओर से किसी निर्णय या समयसीमा की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।