देवघर एम्स में स्त्री एवं प्रसूति रोग से जुड़े तीन दिवसीय 11वें एओजीएसबीजे राष्ट्रीय सम्मेलन का समापन हुआ। अंतिम दिन की चर्चा में सर्वाइकल कैंसर पर विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान और समय पर उपचार महिला स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन का आयोजन देवघर स्त्री एवं प्रसूति रोग सोसाइटी की ओर से किया गया था। इसमें स्त्री एवं प्रसूति रोग के क्षेत्र में काम करने वाले चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया। तीन दिनों के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य तथा स्त्री रोग से संबंधित अलग-अलग विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
फोगसी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आभा रानी सिन्हा ने सर्वाइकल कैंसर की समय रहते पहचान और उपयुक्त इलाज की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। सम्मेलन में स्क्रीनिंग को शुरुआती पहचान की महत्वपूर्ण कड़ी बताया गया। साथ ही महिलाओं में इस बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की जरूरत भी रेखांकित की गई।
विशेषज्ञों ने समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने पर भी जोर दिया। सम्मेलन की चर्चाओं का केंद्र यह रहा कि जागरूकता, जांच और उपचार के बीच बेहतर तालमेल से महिला स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर चुनौतियों का समय रहते सामना किया जा सकता है। प्रतिभागियों ने चिकित्सा अनुभव और विषयगत जानकारी भी साझा की।
आयोजन में अध्यक्ष डॉ. अर्पिता गांधी, संरक्षक डॉ. मंजू बैंकर और सचिव डॉ. प्रियंका राय की भूमिका रही। बेहतर आयोजन के लिए एओजीएसबीजे की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिता सिंह ने देवघर एम्स के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका राय को सम्मानित किया।
समापन के अवसर पर आयोजकों ने चिकित्सा विशेषज्ञों के बीच नियमित संवाद और अनुभवों के आदान-प्रदान को उपयोगी बताया। सम्मेलन में सामने आए बिंदुओं ने सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग, शीघ्र पहचान और समय पर उपचार को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को प्रमुखता से रखा।