देवघर एयरपोर्ट के विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने बुधवार को समीक्षा बैठक की। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने एयरपोर्ट के नए निदेशक राजेश कुमार के साथ मौजूदा व्यवस्थाओं और आगे की जरूरतों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में सुरक्षित विमान परिचालन के साथ एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया गया।
उपायुक्त ने एयरपोर्ट प्रबंधन को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। विमान संचालन से जुड़ी आपात स्थिति में संबंधित एजेंसियों की तैयारी परखने के लिए डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुसार मॉकड्रिल आयोजित करने पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।
बैठक में एयरपोर्ट के आसपास अतिक्रमण और अवैध भवन निर्माण की निगरानी का विषय भी उठा। प्रशासन ने कहा कि ऐसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि विमानों के सुरक्षित परिचालन में कोई बाधा उत्पन्न न हो। संबंधित अधिकारियों को एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
एयरपोर्ट परिसर के बाहर यात्रियों की सुरक्षा को भी समीक्षा के दायरे में रखा गया। एयरपोर्ट से कुंडा मोड़ तक आवागमन सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया। बाहर से आने वाले यात्रियों को रास्ते में असुविधा या सुरक्षा संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए समन्वित व्यवस्था पर जोर दिया गया।
एयरपोर्ट के आसपास छिनतई और लूट की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती तथा पुलिस गश्त बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। प्रशासन ने विमान परिचालन की सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षित आवाजाही को एक साथ प्राथमिकता देने की बात कही।
देवघर एयरपोर्ट संथाल परगना के छह जिलों के साथ बिहार के भागलपुर, लखीसराय, बांका, जमुई और मुंगेर के यात्रियों के लिए भी उपयोगी है। बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए बैठक में विस्तार की जरूरतों, परिचालन मानकों और यात्री-केंद्रित सुविधाओं को मजबूत करने पर संयुक्त रूप से मंथन किया गया।