देवघर के सैन्य संपर्क मेले में आधुनिक उपकरणों से रूबरू हुए स्कूली बच्चे

दर्दमारा में आयोजित दो दिवसीय सैन्य संपर्क मेले में हथियारों और आधुनिक उपकरणों की प्रदर्शनी के साथ पूर्व सैनिक सहायता, भर्ती जागरूकता और स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी गई।

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देवघर के दर्दमारा में आयोजित सैन्य संपर्क मेले में मौजूद अधिकारी और आगंतुक

देवघर के दर्दमारा स्थित पीडी हिंदुजा अस्पताल परिसर में नौ और 10 अक्तूबर को आयोजित सैन्य संपर्क मेले में स्कूली बच्चों को सेना के हथियारों और आधुनिक उपकरणों को नजदीक से देखने का अवसर मिला। प्रदर्शनी में रखे सैन्य साजो-सामान और उनके काम करने के तरीकों को जानने के लिए बच्चों में विशेष उत्साह दिखाई दिया।

सेना के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को विभिन्न उपकरणों की उपयोगिता, उनकी विशेषताओं और देश की सुरक्षा में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। बच्चों ने प्रदर्शनी को ध्यान से देखा और सैन्य तकनीक से जुड़े पहलुओं को समझा। आयोजन के दौरान सैन्य बैंड की प्रस्तुति भी दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी।

मेले का उद्देश्य सेना और आम नागरिकों के बीच संवाद बढ़ाना तथा युवाओं को सैन्य सेवा के प्रति जागरूक करना बताया गया। कार्यक्रम में भर्ती एवं करियर संबंधी जानकारी के लिए अलग गतिविधियां रखी गईं, जिनके माध्यम से युवाओं को सेना में उपलब्ध अवसरों से अवगत कराया गया। एनसीसी और आपदा राहत से जुड़ी जागरूकता भी आयोजन का हिस्सा रही।

कार्यक्रम में 111 एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पवन चड्ढा, झारखंड एवं बिहार सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल जितेंद्र सिंह और पंजाब रेजीमेंटल सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर उपेंद्र कोसल शामिल हुए। ब्रिगेडियर संगीता खना, सूबेदार मेजर दिलीप सिंह तथा अन्य सैन्य अधिकारी और पूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।

सैन्य संपर्क मेले में पूर्व सैनिकों के लिए शिकायत निवारण और ईसीएचएस से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्हें सेना से मिलने वाली सुविधाओं और अपनी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया समझाई गई। इस व्यवस्था के जरिए आयोजन ने प्रदर्शनी के साथ पूर्व सैनिकों की व्यावहारिक जरूरतों को भी शामिल किया।

परिसर में चिकित्सा शिविर भी लगाया गया, जहां सामान्य स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श और दंत चिकित्सा की सुविधा दी गई। इस तरह दो दिवसीय आयोजन में सैन्य उपकरणों की प्रदर्शनी के साथ बच्चों और युवाओं के लिए जागरूकता, पूर्व सैनिकों के लिए सहायता तथा आगंतुकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को एक मंच पर जोड़ा गया।