देवघर में एम्स और हिंदुजा अस्पताल के सहयोग से चिकित्सा शिक्षा व जांच सेवाओं के विस्तार की योजना

राष्ट्रीय चिकित्सा अधिवेशन में सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर में मेडिकल कॉलेज, कम लागत वाली जांच सुविधाओं और क्षेत्रीय बीमारियों पर शोध की योजनाओं की जानकारी दी।

2 मिनट पढ़ें 5 बार पढ़ी गई
देवघर में आयोजित राष्ट्रीय चिकित्सा अधिवेशन के मंच पर उपस्थित अतिथि और चिकित्सक

देवघर के डाबरग्राम स्थित मैहर गार्डन में आयोजित क्लिनिकल कार्डियो डायबिटिक सोसाइटी ऑफ इंडिया के 10वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दूसरे दिन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर चर्चा हुई। गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दुबे ने कहा कि एम्स देवघर और पीडी हिंदुजा अस्पताल के बीच सहयोग से शहर को आने वाले वर्षों में पूर्वोत्तर भारत के एक बड़े स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है।

सांसद के अनुसार, हिंदुजा अस्पताल को देवघर में मेडिकल कॉलेज के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के पहले प्राचार्य की जिम्मेदारी संभालने के लिए डॉ. हेमशंकर शर्मा से आग्रह किया गया है और उनकी सहमति मिली है। हालांकि, आयोजन में परियोजना की समयसीमा या निर्माण से संबंधित विस्तृत जानकारी नहीं दी गई।

कार्यक्रम में स्थानीय स्तर पर कम खर्च में चिकित्सकीय जांच उपलब्ध कराने की योजना भी रखी गई। डॉ. दुबे ने कहा कि गोड्डा लोकसभा क्षेत्र में कम से कम 50 स्थानों पर ऐसी पैथोलॉजी मशीनें लगाने का प्रयास होगा, जिनसे पांच मिनट में रिपोर्ट मिल सके। उनके मुताबिक, जिस जांच पर पीजीआई चंडीगढ़ में करीब 2,500 रुपये खर्च होते हैं, उसे क्षेत्र में लगभग 400 रुपये में उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

उन्होंने संताल परगना के पहाड़ी और आदिवासी क्षेत्रों में मलेरिया सहित दूसरी क्षेत्रीय बीमारियों पर केंद्रित शोध की आवश्यकता बताई। उनका कहना था कि देवघर में विकसित होने वाले चिकित्सा संस्थानों में उपचार के साथ चिकित्सा शिक्षा और शोध को भी महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने जरूरतमंद मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 10 एंबुलेंस की व्यवस्था का भी उल्लेख किया।

सांसद ने कहा कि नए अस्पताल और प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों तथा कर्मचारियों के परिवारों के लिए स्थानीय रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं। उन्होंने शुद्ध पेयजल को स्वास्थ्य से जोड़ते हुए अपने संसदीय क्षेत्र में करीब 10 लाख लोगों तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लक्ष्य की जानकारी दी।

अधिवेशन के दूसरे दिन के सत्र का उद्घाटन सांसद, एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. नितिन एम. गंगने और अन्य चिकित्सा प्रतिनिधियों ने किया। तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से 200 से अधिक चिकित्सक भाग ले रहे हैं, जबकि 90 विशेषज्ञ वक्ता अलग-अलग चिकित्सा विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। सत्र के दौरान योग्य चिकित्सकों को फेलोशिप भी प्रदान की गई।