देवघर जिले में किसानों के लिए उर्वरक बिक्री की नई डिजिटल व्यवस्था 23 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया के अनुसार, किसान एफएसएएस एप या पोर्टल के माध्यम से घर बैठे खाद की ऑनलाइन बुकिंग कर सकेंगे। यह व्यवस्था उर्वरक की खरीद और वितरण को अधिक सुविधाजनक तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
ऑनलाइन बुकिंग के लिए किसान को अपना आधार नंबर और जमीन से संबंधित जरूरी विवरण उपलब्ध कराना होगा। उर्वरक की मात्रा किसान के पास उपलब्ध भूमि और संबंधित फसल की आवश्यकता के आधार पर निर्धारित करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पोर्टल पर फसलवार अनुशंसित मात्रा की जानकारी भी उपलब्ध कराने की बात कही गई है।
नई व्यवस्था के तहत किसान खाद की उपलब्धता, मात्रा और निर्धारित कीमत की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। उन्हें नजदीकी अधिकृत विक्रेता का विवरण भी मिल सकेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे खाद लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े रहने की जरूरत घटेगी और किसानों के समय तथा श्रम की बचत होगी।
बुकिंग पूरी होने के बाद किसान के मोबाइल पर क्यूआर कोड अथवा टोकन नंबर भेजे जाने का प्रावधान हो सकता है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सत्यापन के बाद ही उर्वरक दिया जाएगा। वितरण की निगरानी क्यूआर कोड और पीओएस मशीन के माध्यम से करने की योजना है।
अधिकृत विक्रेताओं के पास उपलब्ध उर्वरक भंडार की जानकारी डिजिटल प्रणाली में दर्ज रहेगी। किसानों को इसी रिकॉर्ड के आधार पर खाद और विक्रेता की उपलब्धता पता चल सकेगी। उर्वरक वितरण तथा स्टॉक का डिजिटल लेखा रहने से पूरी प्रक्रिया की प्रभावी निगरानी करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन के मुताबिक, डिजिटल रिकॉर्ड से खाद को अनावश्यक रूप से रोकने, कालाबाजारी और निर्धारित मात्रा से अधिक वितरण जैसी गतिविधियों पर नजर रखने में सुविधा होगी। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नई प्रणाली लागू करने की तैयारियां तेज करने का निर्देश दिया है, ताकि 23 सितंबर से किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार सेवा मिल सके।