पंचेत में प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट के विरोध में विस्थापितों का प्रदर्शन

झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से पंचेत पहुंचे विस्थापितों ने जमीन, मछुआरों की आजीविका, रात्रिकालीन यातायात और सड़क निर्माण से जुड़े मुद्दे उठाए।

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पंचेत डैम पर प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट के विरोध में प्रदर्शन करते विस्थापित

धनबाद के पंचेत में डीवीसी के प्रस्तावित सोलर पावर प्लांट के विरोध में रविवार को विस्थापितों ने पंचेत डैम पर प्रदर्शन किया। झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे दर्जनों लोगों ने परियोजना से जुड़ी अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं और प्रबंधन से स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखकर योजना पर दोबारा विचार करने की मांग की।

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने गोचर जमीन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना था कि सोलर पावर प्लांट बनने पर पशुओं के लिए उपलब्ध गोचर क्षेत्र और कम हो सकता है। विस्थापितों ने विकास परियोजना आगे बढ़ाते समय स्थानीय लोगों की जमीन और दैनिक जरूरतों को भी महत्व देने की मांग रखी।

जलाशय पर प्रस्तावित फ्लोटिंग सोलर प्लांट को लेकर मछुआरों की आजीविका से जुड़ी चिंता भी सामने आई। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यदि जलाशय के बड़े हिस्से में प्लांट लगाया गया तो मछली पकड़ने में परेशानी आ सकती है। उन्होंने आशंका जताई कि इससे क्षेत्र के मछुआरों की आमदनी और कामकाज प्रभावित हो सकते हैं।

विस्थापितों ने पंचेत डैम पर रात दस बजे से सुबह पांच बजे तक यातायात बंद रखने के फैसले का भी विरोध किया। उनका कहना था कि रात में आवागमन पर रोक के कारण स्थानीय निवासियों को आने-जाने में कठिनाई होती है। प्रदर्शनकारियों ने इस पाबंदी को तत्काल हटाने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान डीवीसी पंचेत के जीरो प्वाइंट से रांगामेटिया तक सड़क निर्माण शुरू कराने का विषय भी उठाया गया। लोगों ने कहा कि इस मार्ग का निर्माण होने से आसपास के क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी। यह मांग भी स्थानीय सुविधाओं से जुड़े प्रमुख मुद्दों के साथ प्रबंधन के सामने रखी गई।

प्रदर्शनकारियों ने डीवीसी प्रबंधन से सोलर परियोजना की समीक्षा करते हुए जमीन, रोजगार और आवाजाही से जुड़े प्रभावों पर विचार करने की अपील की। उनका जोर था कि ऊर्जा परियोजना के साथ प्रभावित समुदायों की सुविधा और आजीविका के प्रश्नों का भी समाधान किया जाए। उपलब्ध जानकारी में डीवीसी प्रबंधन की प्रतिक्रिया या परियोजना में किसी बदलाव की घोषणा का उल्लेख नहीं है।