देवघर श्रावणी मेला की व्यवस्थाओं को लेकर नगर निगम ने 7 जोन की कमान संभाल ली है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मेले से जुड़ी जिम्मेदारियों को जोनवार बांटा गया है, ताकि अलग-अलग क्षेत्रों में निगरानी और संचालन व्यवस्थित तरीके से हो सके।
रिपोर्ट में बताया गया है कि नगर निगम की ओर से अधिकारियों की तैनाती 3 पालियों में की जाएगी। इसका उद्देश्य मेला अवधि में लगातार प्रशासनिक मौजूदगी बनाए रखना माना जा रहा है। श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए पालियों में ड्यूटी लगाना व्यवस्था संभालने का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
देवघर में श्रावणी मेला के दौरान नगर निगम की भूमिका साफ-सफाई, नागरिक सुविधाओं और स्थानीय प्रबंधन से जुड़ी रहती है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर, इस बार भी निगम ने मेला क्षेत्र को 7 जोन में बांटकर जिम्मेदारियों को अधिक स्पष्ट करने की तैयारी की है।
तीन पालियों में अधिकारियों की तैनाती से दिनभर अलग-अलग समय पर निगरानी बनी रह सकेगी। हालांकि रिपोर्ट में अधिकारियों के नाम, जोनवार दायित्व या किसी अतिरिक्त व्यवस्था का विस्तृत ब्यौरा नहीं दिया गया है, इसलिए इन्हें लेकर अलग से कोई दावा नहीं किया जा सकता।
यह व्यवस्था देवघर श्रावणी मेला से सीधे जुड़ी सार्वजनिक सुविधा और भीड़ प्रबंधन के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। नगर निगम की जोनवार तैनाती से यह संकेत मिलता है कि मेला अवधि में स्थानीय निकाय स्तर पर संचालन को चरणबद्ध ढंग से संभालने की तैयारी की गई है।