देवघर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में कम समय में पानी भरने के लिए क्विक वाटरिंग सिस्टम जल्द शुरू करने की तैयारी है। आसनसोल रेल डिवीजन के इस स्टेशन पर करीब दो करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना का अधिकांश काम पूरा हो गया है। नई व्यवस्था के माध्यम से किसी ट्रेन में 10 से 15 मिनट के भीतर पानी भरा जा सकेगा।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक और दो पर हाई प्रेशर पाइपलाइन बिछाने तथा स्वचालित नियंत्रण वाल्व लगाने का काम पूरा किया जा चुका है। पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए एक लाख लीटर क्षमता वाला भूमिगत भंडारण टैंक भी तैयार हो गया है। परियोजना से जुड़ी सर्विस बिल्डिंग का निर्माण भी पूरा बताया गया है।
प्लेटफॉर्म संख्या तीन पर अभी पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। रेलवे की योजना इस शेष कार्य को जल्द पूरा करने की है। इसके बाद स्टेशन पर क्विक वाटरिंग सुविधा का संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल सुविधा आरंभ होने की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है।
यह प्रणाली स्वचालित नियंत्रण वाल्व और डिजिटल निगरानी व्यवस्था से जुड़ी होगी। इससे ट्रेन के निर्धारित ठहराव के दौरान तेजी से पानी भरा जा सकेगा। रेलवे के मुताबिक, पानी भरने में लगने वाला समय घटने से परिचालन में समय की बचत होगी और लंबी दूरी की ट्रेनों में आवश्यक जलापूर्ति अधिक व्यवस्थित ढंग से की जा सकेगी।
नई सुविधा का लाभ देवघर से चलने वाली देवघर-बनारस वंदे भारत, देवघर-अगरतला एक्सप्रेस और देवघर-कोलकाता सहित अन्य एक्सप्रेस ट्रेनों को मिलने की संभावना है। स्टेशन से होकर गुजरने वाली ट्रेनों में भी आवश्यकता के अनुसार पानी भरा जा सकेगा। परियोजना पूरी होने पर देवघर स्टेशन के पास ट्रेनों की जलापूर्ति के लिए अपना तेज और स्वचालित तंत्र उपलब्ध होगा।