धनबाद के बरमसिया सरकारी मिडिल स्कूल की प्रधानाध्यापिका मुनमुन भट्टाचार्य का चयन राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए हुआ है। इस वर्ष झारखंड से यह सम्मान पाने के लिए चुनी गईं वह एकमात्र शिक्षिका हैं। उनकी इस उपलब्धि से जिले के शिक्षा क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मुनमुन भट्टाचार्य को शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु उन्हें पुरस्कार प्रदान करेंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, धनबाद को 27 वर्षों के बाद राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार मिलने का अवसर मिला है।
अपनी उपलब्धि पर मुनमुन भट्टाचार्य ने इसे लंबे समय से किए जा रहे सामूहिक परिश्रम का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि कार्य के दौरान अलग-अलग लोगों से मिले अनुभवों और सीख को अपने विद्यालय में लागू करने का प्रयास किया गया। उनका प्रमुख उद्देश्य बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ उनमें स्थिरता और जिम्मेदारी की समझ विकसित करना रहा है।
विद्यालय में विद्यार्थियों को गतिविधियों के माध्यम से वर्ष 2030 के सतत विकास लक्ष्यों से जोड़ने की कोशिश की जाती है। इनमें गरीबी समाप्त करने, भूख की समस्या से मुक्ति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जैसे विषय शामिल हैं। बच्चों के लिए आयोजित गतिविधियों में इन विषयों को उनकी समझ के अनुरूप प्रस्तुत किया जाता है।
बुनियादी पढ़ने-लिखने और गणना की क्षमता मजबूत करने के लिए स्कूल में फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी का अलग कमरा भी बनाया गया है। यहां खेल और अनुभव आधारित तरीकों से बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर काम किया जाता है। सीमित संसाधनों के बीच अपनाई गई इन शैक्षणिक पहलों और विद्यालय में पढ़ाई की गुणवत्ता ने मुनमुन भट्टाचार्य के काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को 50 हजार रुपये, चांदी का पदक और प्रमाणपत्र दिया जाता है। मुनमुन भट्टाचार्य का चयन धनबाद के सरकारी विद्यालयों में किए जा रहे नवाचार और बुनियादी शिक्षा पर केंद्रित प्रयासों को भी सामने लाता है।