धनबाद के एसएनएमएमसीएच ने रोबोटिक सर्जरी सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा प्रस्ताव

एसएनएमएमसीएच ने सरकारी स्तर पर रोबोटिक सर्जरी शुरू करने का प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा है। मंजूरी मिलने पर इसके लिए जरूरी ढांचा और तकनीकी व्यवस्था विकसित करनी होगी।

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धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का दृश्य

धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू करने के लिए राज्य के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को प्रस्ताव भेजा है। यह पहल विभाग की ओर से राज्य के मेडिकल कॉलेजों से प्रस्ताव मांगे जाने के बाद की गई है। हालांकि सुविधा शुरू करने पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है।

एसएनएमएमसीएच के अधीक्षक डॉ. डीके गिंदौरिया के अनुसार, झारखंड के किसी सरकारी संस्थान में फिलहाल रोबोटिक सर्जरी उपलब्ध नहीं है। निजी क्षेत्र में भी इसकी उपलब्धता सीमित बताई गई है। अस्पताल प्रबंधन का मानना है कि सरकारी संस्थान में यह तकनीक आने से अत्याधुनिक शल्य चिकित्सा की जरूरत वाले मरीजों को राज्य के भीतर उपचार का विकल्प मिल सकता है।

अस्पताल की ओर से स्वास्थ्य विभाग के साथ योजना पर चर्चा किए जाने की जानकारी भी दी गई है। प्रबंधन के मुताबिक, विभाग से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और इसे अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में शुरू करने की संभावना पर बात हुई। एसएनएमएमसीएच ने एक प्रस्ताव भेज दिया है, जबकि एक अन्य प्रस्ताव तैयार किए जाने की बात कही गई है।

अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि जटिल और उन्नत सर्जरी के लिए कई मरीजों को बड़े शहरों या दूसरे राज्यों के अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। यदि प्रस्ताव स्वीकृत होता है और सुविधा विकसित की जाती है, तो ऐसे मरीजों तथा उनके परिजनों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने की संभावना बनेगी। इससे निजी अस्पतालों पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

रोबोटिक सर्जरी शुरू करने के लिए केवल मशीन की खरीद पर्याप्त नहीं होगी। इसके साथ उपयुक्त ऑपरेशन थिएटर, एनेस्थीसिया व्यवस्था, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की जरूरत होगी। इसलिए प्रस्ताव की स्वीकृति के बाद भी आवश्यक संसाधन जुटाने और व्यवस्था तैयार करने की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ेगी।

फिलहाल योजना प्रस्ताव के स्तर पर है। स्वास्थ्य विभाग की मंजूरी, संसाधनों की उपलब्धता और आगे की कार्ययोजना तय होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि एसएनएमएमसीएच में सुविधा कब तक शुरू हो सकेगी। अस्पताल की इस पहल को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में उन्नत सर्जिकल तकनीक जोड़ने की दिशा में शुरुआती कदम के रूप में देखा जा रहा है।