धनबाद के एसएनएमएमसीएच में पांचवें दिन भी ऑक्सीजन प्लांट ठप, सिलिंडरों से चल रही आपूर्ति

एसएनएमएमसीएच के पीएसए ऑक्सीजन प्लांट का कंप्रेसर खराब होने से पाइपलाइन आपूर्ति बाधित है। अस्पताल में ऑक्सीजन सिलिंडरों के सहारे मरीजों का इलाज जारी है।

2 मिनट पढ़ें 8 बार पढ़ी गई
धनबाद स्थित एसएनएमएमसीएच में ऑक्सीजन प्लांट बंद रहने से सिलिंडरों पर निर्भर व्यवस्था

धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट लगातार पांचवें दिन भी बंद रहा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्लांट का कंप्रेसर खराब होने से वार्ड, आईसीयू, इमरजेंसी और ऑपरेशन थिएटर तक पाइपलाइन से होने वाली ऑक्सीजन आपूर्ति प्रभावित हुई है। फिलहाल अस्पताल में सिलिंडरों के माध्यम से ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है।

यह अस्पताल धनबाद के साथ गिरिडीह, बोकारो, देवघर और जामताड़ा सहित आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों का प्रमुख सरकारी उपचार केंद्र है। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को यहां इमरजेंसी, आईसीयू और विशेषज्ञ विभागों में भर्ती किया जाता है। ऐसे में प्लांट बंद रहने से मरीजों और उनके परिजनों की चिंता बढ़ी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्लांट की जांच में कंप्रेसर पूरी तरह खराब पाया गया। अस्पताल प्रबंधन ने सूचना चस्पा कर व्यवस्था बाधित होने की जानकारी दी है, लेकिन प्लांट से नियमित आपूर्ति दोबारा शुरू होने की स्पष्ट समय-सीमा सामने नहीं आई है। नया कंप्रेसर आने अथवा खराब उपकरण की मरम्मत होने तक सिलिंडरों पर निर्भरता बनी रहने की बात कही गई है।

वैकल्पिक व्यवस्था के तहत गुरुवार को अस्पताल में 40 जंबो ऑक्सीजन सिलिंडर मंगाए गए। बच्चों के उपचार के लिए शिशु रोग विभाग को 18 बी-टाइप सिलिंडर भी उपलब्ध कराए गए हैं। सिलिंडर आधारित आपूर्ति में नियमित निगरानी, समय पर रिफिलिंग और परिवहन आवश्यक होता है, इसलिए गंभीर मरीजों वाले विभागों में इसकी निरंतर उपलब्धता महत्वपूर्ण है।

प्लांट की खराबी का असर इमरजेंसी और शिशु रोग विभाग की वेंटिलेटर सेवाओं पर भी पड़ने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में कुछ गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भेजना पड़ रहा है। इससे बाहर के जिलों से पहुंचे परिवारों के सामने इलाज के साथ आवागमन की अतिरिक्त परेशानी भी खड़ी हो रही है।

अस्पताल के पीएसए प्लांटों की मरम्मत से संबंधित टेंडर पहले भी कई बार रद्द होने की बात सामने आई है। मौजूदा स्थिति में मरीजों के लिए पर्याप्त सिलिंडर सुरक्षित रखना और प्लांट की बहाली की समय-सीमा स्पष्ट करना अहम है। नियमित पाइपलाइन आपूर्ति शुरू होने तक आईसीयू, इमरजेंसी, ऑपरेशन थिएटर और शिशु रोग विभाग में वैकल्पिक व्यवस्था की सतत निगरानी जरूरी बनी हुई है।