रांची और आसपास के क्षेत्रों में 21 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि में प्रतिदिन एक से दो बार बारिश हो सकती है। साथ ही 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने और वज्रपात की आशंका को देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है।
राजधानी में मंगलवार को बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। धुर्वा, हटिया, कोकर और कांके रोड जैसे इलाकों में दोपहर के समय अचानक घने बादल छाए और तेज बारिश हुई। इसके विपरीत शहर के मध्य भाग तथा कई अन्य रिहायशी इलाकों में बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं हुई।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान राज्य में सबसे अधिक 17 मिलीमीटर बारिश रांची में दर्ज की गई। विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी बारिश पूरे शहर में एक साथ होने के बजाय कुछ सीमित क्षेत्रों में हो सकती है। इस अवधि में अधिकतम तापमान में किसी बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।
स्थानीय स्तर पर बादल बनने के पीछे हवा में अधिक नमी और दोपहर के समय तापमान बढ़ने की स्थिति बताई गई है। ऐसे बादल पूरे शहर को ढकने के बजाय छोटे दायरे में केंद्रित हो सकते हैं। इसी कारण किसी क्षेत्र में अचानक तेज बारिश होती है, जबकि कुछ दूरी पर स्थित इलाका सूखा रह सकता है।
बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण रांची समेत झारखंड के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की बारिश की परिस्थितियां बने रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद के अनुसार, नमी और स्थानीय स्तर पर बादलों के निर्माण से रांची में बारिश की गतिविधि जारी रह सकती है।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, रांची में 15 सितंबर तक 1,056 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य से करीब 13 प्रतिशत अधिक है। इसके बावजूद शहर के भीतर बारिश की असमान स्थिति बनी हुई है और आगामी दिनों में भी अलग-अलग इलाकों में वर्षा की तीव्रता तथा अवधि में अंतर देखने को मिल सकता है।