धनबाद नगर निगम में पिछले 16 दिनों से बंद प्रॉपर्टी टैक्स वसूली अगले सप्ताह दोबारा शुरू हो सकती है। अब यह जिम्मेदारी किसी निजी एजेंसी के बजाय नगर निगम के अपने टैक्स कलेक्टर संभालेंगे। राज्य शहरी विकास अभिकरण के निदेशक सूरज कुमार ने गुरुवार को नगर निकायों के नगर आयुक्तों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में नई व्यवस्था की तैयारी करने का निर्देश दिया।
नई प्रक्रिया के लिए सूडा की ओर से नगर निगम के टैक्स कलेक्टरों को आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। धनबाद नगर निगम में फिलहाल 14 टैक्स कलेक्टर हैं। शहर में कर वसूली के साथ नगर निगम के तीन टैक्स काउंटरों का संचालन भी इन्हीं कर्मचारियों के जिम्मे रहेगा।
धनबाद सहित झारखंड के नगर निकायों में 25 अगस्त से प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली रुकी हुई है। सरकार ने टैक्स वसूलने वाली निजी एजेंसी को हटाने का आदेश दिया था। इसके बाद नगर निगम को विभागीय स्तर पर वसूली शुरू करने की व्यवस्था तैयार करनी पड़ रही है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए धनबाद नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स से 55 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य मिला है। अब तक करीब 20 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। बीच में कर संग्रह बंद होने से निगम पर शेष अवधि में राजस्व लक्ष्य हासिल करने का दबाव बढ़ गया है।
सूडा की वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा करने की सुविधा अभी उपलब्ध है, लेकिन भुगतान केवल नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड से किया जा सकता है। यूपीआई का विकल्प नहीं होने के कारण कुछ करदाताओं को परेशानी हो रही है। निगम के काउंटर दोबारा सक्रिय होने से प्रत्यक्ष भुगतान की व्यवस्था भी बहाल हो सकेगी।
धनबाद में बीते तीन वर्षों से श्री पब्लिकेशन नामक एजेंसी टैक्स वसूली का काम कर रही थी। सरकार के आदेश के बाद एजेंसी को हटा दिया गया है। इससे उसके लिए काम करने वाले 55 कर्मचारियों की नौकरी समाप्त हो गई। सरकारी निर्देश के कारण नगर निगम के स्तर पर दूसरी निजी एजेंसी रखकर वसूली कराने की संभावना भी खत्म हो गई है।