धनबाद नगर निगम क्षेत्र में चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों से मार्ग कर वसूलने की तैयारी शुरू हुई है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने नगर निगम सहित राज्य के नगर निकायों से उनके क्षेत्रों में गुजरने वाले व्यावसायिक वाहनों की संख्या मांगी है। यह कवायद झारखंड नगरपालिका मार्ग कर नियमावली लागू करने की दिशा में की जा रही है।
विभाग के संयुक्त सचिव मुमताज अंसारी ने धनबाद नगर निगम को पत्र भेजकर चार बिंदुओं पर जवाब मांगा। इनमें निगम सीमा के भीतर चलने वाले कॉमर्शियल वाहनों का विवरण प्रमुख है। विभाग ने वाहनों की केवल कुल संख्या नहीं, बल्कि अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार सूची उपलब्ध कराने को कहा है।
प्रस्तावित व्यवस्था लागू होने पर नगर निगम को अपनी सीमा में कॉमर्शियल वाहनों से कर वसूलने का अधिकार मिल सकता है। फिलहाल विभाग जानकारी जुटा रहा है और उपलब्ध विवरण के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होने की बात सामने आई है। इससे निगम के राजस्व में वृद्धि की संभावना भी देखी जा रही है।
नगर विकास विभाग ने निजी वाहनों से संभावित राजस्व का अनुमान भी मांगा है। इसके साथ ही नगर निकाय क्षेत्र से धनबाद नगर निगम को होने वाली वार्षिक आय की रिपोर्ट देने को कहा गया है। इस तरह विभाग मौजूदा आय, वाहनों की संख्या और कर से संभावित प्राप्ति का आकलन करना चाहता है।
सहायक नगर आयुक्त शिखा कुमारी के अनुसार, विभाग ने झारखंड नगरपालिका मार्ग कर नियमावली के संबंध में जानकारी मांगी थी। नगर निगम ने अपने पास उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सरकार को जवाब भेज दिया है। रिपोर्ट में कौन-सी वाहन श्रेणियां शामिल की गई हैं और उनसे कितनी आय का अनुमान है, इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध सूचना में नहीं दिया गया है।
इस चरण में वाहन मालिकों के लिए कर की दर, वसूली शुरू होने की तारीख और भुगतान की प्रक्रिया घोषित नहीं की गई है। अभी की कार्रवाई को नियमावली लागू करने से पहले तथ्य और राजस्व संबंधी विवरण जुटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।