धनबाद में डीएमएफटी योजनाओं की निगरानी तेज, कमियां मिलने पर जवाब-तलब

धनबाद प्रशासन ने डीएमएफटी के तहत चल रही विकास योजनाओं और सरकारी संस्थानों की नियमित जांच शुरू की है। निरीक्षण में मिली कमियों पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
धनबाद में डीएमएफटी योजनाओं और सरकारी संस्थानों के निरीक्षण का सांकेतिक दृश्य

धनबाद जिले में जिला खनिज फाउंडेशन ट्रस्ट (डीएमएफटी) की विकास योजनाओं की निगरानी कड़ी कर दी गई है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन के निर्देश पर उप विकास आयुक्त सन्नी राज की अध्यक्षता में योजनाओं और विभिन्न सरकारी संस्थानों की समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का जोर कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और उपलब्ध संसाधनों के उचित उपयोग पर है।

डीएमएफटी-पीएमयू की टीम योजनाओं और संस्थानों का मौके पर निरीक्षण कर उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर रही है। इस अभियान में आंगनबाड़ी केंद्र, पंचायत, जनवितरण प्रणाली की दुकानें, सरकारी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और विद्यालय शामिल हैं। ग्रामीण विकास, आधारभूत संरचना, राजस्व कार्यों और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों की भी पड़ताल की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ आवश्यक सामग्री तथा उपकरणों की उपलब्धता देखी जा रही है। टीम विकास कार्यों की गुणवत्ता, योजनाओं के रखरखाव और लाभुकों को निर्धारित सुविधाएं मिल रही हैं या नहीं, इसकी भी जांच कर रही है। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि स्वीकृत योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं।

उप विकास आयुक्त सन्नी राज के अनुसार, किसी संस्थान में पदाधिकारी या कर्मचारी अनुपस्थित मिलने अथवा जरूरी सामग्री, उपकरण और सुविधाओं की कमी सामने आने पर संबंधित विभाग के माध्यम से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही, निर्माण की गुणवत्ता में कमी, रखरखाव में अनियमितता या तय मानकों की अनदेखी पर भी जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

निरीक्षण की रिपोर्ट में दर्ज कमियों की जानकारी संबंधित विभागों को दी जाएगी। इसके बाद आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रशासन ने योजनाओं की प्रगति और कार्यों की गुणवत्ता की लगातार समीक्षा करने की बात भी कही है, ताकि सामने आई खामियों को केवल दर्ज करने के बजाय दूर किया जा सके।

प्रशासन के मुताबिक, इस निगरानी का उद्देश्य सरकारी धन और संसाधनों का सही इस्तेमाल सुनिश्चित करना है। नियमित निरीक्षण के जरिए यह भी देखा जाएगा कि डीएमएफटी के तहत मंजूर विकास कार्य केवल अभिलेखों तक सीमित न रहें और नागरिकों को संस्थानों तथा योजनाओं से निर्धारित सुविधाएं धरातल पर मिलें।