पलामू जिले के बटाने डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हुई है। शनिवार को उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत और पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने डैम परियोजना का निरीक्षण किया। दोनों अधिकारियों ने स्थल पर पर्यटन से जुड़ी संभावनाओं का आकलन किया और आसपास रहने वाले ग्रामीणों से बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने बटाने बांध परियोजना की मौजूदा स्थिति और काम की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अंचल अधिकारी से परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से जुड़े विभिन्न मामलों की जानकारी मांगी। प्रशासन की यह समीक्षा ऐसे समय हुई है, जब डैम को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
अधिकारियों ने डूब क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के साथ भी संवाद किया। उपायुक्त ने ग्रामीणों के बीच चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं। पुलिस अधीक्षक भी इस संवाद में शामिल रहे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परियोजना से विस्थापित लोगों के मुआवजे और जमीन से संबंधित विवाद लंबे समय से लंबित हैं। कुछ विस्थापितों को अब तक मुआवजा नहीं मिलने की बात भी सामने आई है।
बटाने डैम झारखंड और बिहार के सीमावर्ती इलाके में बटाने नदी पर बना है। यह परियोजना दोनों राज्यों के क्षेत्रों में सिंचाई से जुड़ी बताई गई है। इसलिए इसके पर्यटन विकास के साथ-साथ परियोजना से संबंधित भूमि और विस्थापन के मामलों का समाधान भी प्रशासनिक समीक्षा का अहम हिस्सा रहा।
डैम को लेकर पिछले दो वर्षों से लगातार प्रयास किए जाने की जानकारी दी गई है। झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर भी इस परियोजना से जुड़े मुद्दों को विभिन्न स्तरों पर उठा चुके हैं। हालांकि, पर्यटन स्थल के रूप में विकास की विस्तृत योजना, प्रस्तावित सुविधाओं, लागत या काम शुरू होने की समयसीमा के बारे में अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासनिक निरीक्षण से फिलहाल पर्यटन की संभावनाओं और लंबित मामलों की स्थिति समझने की पहल हुई है। आगे की प्रक्रिया भूमि अधिग्रहण, विस्थापितों के मुआवजे और परियोजना की प्रगति से जुड़े मामलों पर होने वाली कार्रवाई पर निर्भर करेगी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्थानीय लोगों की बात सुनकर क्षेत्र से जुड़े मुद्दों की जानकारी ली।