धनबाद सदर अस्पताल को 135 से 420 बेड तक बढ़ाने की योजना, विशेषज्ञ डॉक्टरों और सुरक्षा पर भी चर्चा

रोगी कल्याण समिति की बैठक में धनबाद सदर अस्पताल की क्षमता बढ़ाने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने पर विचार किया गया।

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धनबाद सदर अस्पताल की क्षमता और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार पर हुई बैठक

धनबाद सदर अस्पताल में मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं और भर्ती क्षमता के विस्तार की तैयारी की जा रही है। अस्पताल में अभी 135 बेड हैं, जिन्हें आने वाले समय में बढ़ाकर 420 करने की योजना बैठक में रखी गई। बुधवार को हुई रोगी कल्याण समिति की बैठक में मौजूदा स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के साथ अस्पताल की प्रमुख जरूरतों पर चर्चा की गई।

समिति की अध्यक्ष और जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में धनबाद के मेयर संजीव सिंह भी शामिल हुए। सदस्यों ने अस्पताल की व्यवस्था सुधारने, विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने और मरीजों को सुचारु रूप से उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार-विमर्श किया।

बैठक में अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रमुख विषय रही। परिसर में सुरक्षा मजबूत करने के लिए गार्ड की तैनाती पर चर्चा की गई। इसके अलावा पिछली बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से संबंधित लिए गए निर्णयों और रखे गए प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा भी की गई।

शारदा सिंह ने कहा कि सदर अस्पताल आने वाले मरीजों को जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अस्पताल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी रोगी कल्याण समिति के साथ साझा करने पर जोर दिया, ताकि कार्यों की नियमित समीक्षा की जा सके और जरूरत के अनुसार सुधार के कदम उठाए जा सकें।

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार ने बैठक में बताया कि अस्पताल की मौजूदा क्षमता 135 बेड की है। इसे भविष्य में 420 बेड तक ले जाने की योजना है। प्रस्तावित विस्तार पूरा होने पर अधिक मरीजों को भर्ती कर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद जताई गई है।

बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि सरकार के स्तर पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी मॉडल के तहत मेडिकल कॉलेज के निर्माण की दिशा में काम चल रहा है। हालांकि बैठक में इस परियोजना या बेड विस्तार की समयसीमा नहीं बताई गई। फिलहाल समिति ने चिकित्सकों की उपलब्धता, सुरक्षा और चल रहे विकास कार्यों की निगरानी पर जोर दिया है।