देवघर में त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। उपायुक्त के निर्देश पर विभाग की टीम होटल, मिठाई दुकान, छोटे खाद्य प्रतिष्ठान और ठेले-खोमचे तक पहुंचकर सामग्री की गुणवत्ता तथा साफ-सफाई की स्थिति की जांच कर रही है। अभियान का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना बताया गया है।
विभाग के अनुसार, यह अभियान दुर्गा पूजा से लेकर छठ पूजा तक लगातार चलाया जाएगा। इस अवधि में दूध, खोया और इनसे तैयार मिठाइयों की बिक्री बढ़ने के कारण इन उत्पादों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। दूसरे राज्यों, खासकर बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले खोया और दूध से बने खाद्य पदार्थ भी जांच के दायरे में हैं।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने होटल और मिठाई दुकान संचालकों को सामग्री में किसी तरह की मिलावट नहीं करने का निर्देश दिया है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा प्रावधानों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है। विभाग गुणवत्ता के साथ प्रतिष्ठानों के रसोईघर और खाद्य सामग्री तैयार करने तथा परोसने की प्रक्रिया में स्वच्छता की भी पड़ताल कर रहा है।
अभियान बड़े प्रतिष्ठानों तक सीमित नहीं रखा गया है। छोला, फुचका और टिक्की जैसी सामग्री बेचने वाले छोटे दुकानदारों तथा ठेले-खोमचे की भी जांच की जा रही है। विक्रेताओं को भोजन तैयार करते समय साफ-सफाई बनाए रखने और ग्राहकों को सामग्री परोसने वाले कर्मचारियों के हाथों की स्वच्छता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभागीय जानकारी में दावा किया गया है कि मोहनपुर और मधुपुर में जांच के दौरान कुछ दुकानों के छोले में औरामीन तथा सिंथेटिक चाक पाउडर जैसे पदार्थ पाए गए थे। इन मामलों में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया चलने की बात कही गई है। घोरमारा और मधुपुर में मिलावटी सामग्री मिलने की सूचना के बाद निगरानी और सघन की गई है।
छह सदस्यीय मोबाइल टीम प्रतिदिन जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान दूध और खोया से बने उत्पादों के साथ अन्य तैयार खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जाएगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे।