नियोजन की मांग पर बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट जाम, कामकाज प्रभावित

अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन विस्थापितों ने बोकारो स्टील प्लांट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए। आंदोलनकारी चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियोजन का लिखित आश्वासन मांग रहे हैं।

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नियोजन की मांग को लेकर बोकारो स्टील प्लांट के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन करते विस्थापित

बोकारो स्टील प्लांट के लिए जमीन देने वाले विस्थापितों का नियोजन आंदोलन शनिवार को और तेज हो गया। अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आठवें दिन प्रदर्शनकारियों ने प्लांट के सभी प्रवेश द्वार जाम कर दिए। आंदोलनकारी चतुर्थ वर्गीय पदों पर नियुक्ति के संबंध में प्रबंधन से लिखित आश्वासन देने की मांग कर रहे हैं।

गेट बंद होने से प्लांट की सामान्य गतिविधियों पर व्यापक असर पड़ने की सूचना है। ठेका मजदूरों और स्थायी कर्मचारियों का प्रवेश प्रभावित हुआ, जबकि सामान लेकर आने-जाने वाले वाहनों का परिचालन भी रुक गया। प्लांट के प्रवेश द्वारों के बाहर ट्रकों और दूसरे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।

विस्थापित अप्रेंटिस संघ का कहना है कि नियोजन पर स्पष्ट और लिखित भरोसा मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने प्रबंधन के वार्ता के लिए आगे नहीं आने की स्थिति में नवमी से प्रदर्शन और तेज करने की चेतावनी भी दी है। आंदोलन पहले से ही लगातार आठ दिनों से चल रहा है।

आंदोलन को राजनीतिक समर्थन भी मिला है। डुमरी विधायक और झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के प्रमुख जयराम महतो विस्थापित अप्रेंटिस संघ के समर्थन में आए हैं। बोकारो विधायक श्वेता सिंह भी भूख हड़ताल में शामिल होकर धरनास्थल पर डटी हुई हैं।

बोकारो स्टील प्लांट प्रबंधन ने आंदोलनकारियों से सौहार्दपूर्ण वातावरण में बातचीत के लिए आने की अपील की है। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन के बिना पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। प्रबंधन और जिला प्रशासन वार्ता के माध्यम से गतिरोध समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी समाधान की सूचना नहीं है।

नवरात्र को देखते हुए बोकारो पुलिस और जिला प्रशासन ने स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। प्रशासन का ध्यान प्लांट के आसपास व्यवस्था बनाए रखने और किसी अप्रिय घटना को रोकने पर है। गेटों पर जारी अवरोध के बीच अब आगे की स्थिति प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच संभावित बातचीत पर निर्भर करेगी।