धनबाद जिले के निरसा में एक कारोबारी से पांच करोड़ रुपये और हर महीने 20 लाख रुपये मांगने का मामला सामने आया है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, कथित संदेश कारोबारी महेंद्र शर्मा के बजाय उनके बिजनेस पार्टनर एस. साहू के व्हाट्सऐप पर भेजा गया। शर्मा ने इसकी शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से की है। पुलिस संदेश और उससे जुड़े नंबर की तकनीकी जांच कर रही है।
रिपोर्ट में इस मांग को प्रिंस खान के नाम से जोड़कर बताया गया है। हालांकि, इसकी प्रामाणिकता की जांच अभी जारी है। कथित संदेश में धनबाद में कारोबार के दौरान परेशानी नहीं होने देने की बात कही गई और गिरोह चलाने, जेल में बंद सदस्यों की देखभाल तथा कानूनी खर्च के नाम पर रकम मांगी गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
महेंद्र शर्मा धनबाद के निरसा क्षेत्र के डूभी स्थित अंकुर बायोकेम के मालिक बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पहले भी व्हाट्सऐप कॉल के माध्यम से उनसे संपर्क करने की कोशिश हुई थी। लगातार धमकियां मिलने के बाद उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर बदल दिया था। नया नंबर नहीं मिलने पर इस बार उनके व्यावसायिक साझेदार को संदेश भेजे जाने का दावा किया गया है।
मामले में हाल में सार्वजनिक हुए एक प्रस्तावित निवेश की भी जांच की जा रही है। छह अगस्त को पटना में आयोजित बिहार बिजनेस कनेक्ट कार्यक्रम में अंकुर स्टील के नाम से बिहार में करीब छह हजार करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा हुई थी। प्रस्ताव में स्टील प्लांट और बायो-केमिकल इकाइयां स्थापित करने की बात कही गई थी। पुलिस यह देख रही है कि कथित मांग का इस घोषणा से कोई संबंध है या नहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 में भी प्रिंस खान के नाम से जारी एक ऑडियो में शर्मा से पांच करोड़ रुपये मांगने की बात सामने आई थी। दो दिन बाद आए एक अन्य ऑडियो में धमकी वापस लेने और किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा नाम का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया था। पुलिस मौजूदा संदेश और उस पुराने घटनाक्रम के बीच संभावित कड़ियों की जांच कर रही है।
कारोबारी की सुरक्षा पहले से बढ़ाई गई है। उन्हें सरकारी अंगरक्षक उपलब्ध कराए जाने के साथ निजी हथियारबंद सुरक्षाकर्मी भी साथ रहते हैं। औद्योगिक परिसर में प्रवेश के समय मेटल डिटेक्टर से जांच और वाहनों की निगरानी की व्यवस्था बताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायत निरसा क्षेत्र के किसी थाने में दर्ज नहीं कराई गई है, बल्कि रांची में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के समक्ष दी गई है।