पतरातू के बटुका कार्तिक मेले में परंपरा और नागपुरी संस्कृति का संगम

रामगढ़ के बटुका गांव में आयोजित जीवन जोड़ी कार्तिक मेले में चार जिलों से लोग पहुंचे। मेले में पारंपरिक रूप से विवाह संबंध तय हुए और नागपुरी कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।

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पतरातू के बटुका गांव में आयोजित जीवन जोड़ी कार्तिक मेले में जुटे लोग

रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड स्थित बटुका गांव में रविवार को जीवन जोड़ी कार्तिक मेला आयोजित किया गया। परंपरा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और सामाजिक मेल-जोल से जुड़े इस आयोजन में रामगढ़ के साथ हजारीबाग, रांची और चतरा जिले से हजारों लोग पहुंचे। सुबह से शुरू हुआ लोगों के आने का सिलसिला दिन चढ़ने के साथ बढ़ता गया।

बटुका मेले की प्रमुख विशेषता विवाह योग्य युवक-युवतियों को पारंपरिक तरीके से जीवनसाथी चुनने का अवसर देना है। आयोजन के दौरान कई युवक-युवतियों ने एक-दूसरे को पसंद किया। परिवारों की सहमति के बाद कुछ विवाह संबंध भी तय किए गए। यह प्रचलन मेले को सामान्य खरीदारी और मनोरंजन वाले आयोजनों से अलग पहचान देता है।

मेले में नागपुरी गीत-संगीत और नृत्य का कार्यक्रम भी हुआ। गायक इगनेश कुमार ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत की। उनके बाद नारायण नायक, अभिनाश नायक, सरिता बड़ाईक और रिमपल कुमारी समेत अन्य कलाकारों ने नागपुरी गीत और नृत्य पेश किए। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

बुढ़मू से पहुंचे नचनी दल का पारंपरिक नृत्य विशेष आकर्षण रहा। इस प्रस्तुति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर जुटे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवाओं के साथ बुजुर्गों और महिलाओं ने भी भागीदारी की। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की नागपुरी कला और स्थानीय नृत्य परंपरा को मंच मिला।

कार्यक्रम में बड़कागांव के विधायक रोशन लाल चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व विधायक योगेंद्र साव, जिला पार्षद राजाराम प्रजापति, पूर्व जिला पार्षद मनोज राम और मुखिया किशोर कुमार महतो सहित कई जनप्रतिनिधि भी मेले में पहुंचे। मेला समिति ने अतिथियों का स्वागत किया।

आयोजन की व्यवस्था में समिति के अध्यक्ष मान सिंह, सचिव दौलत सिंह, कोषाध्यक्ष महेश सिंह एवं मुनेश्वर ठाकुर और अन्य पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे। विभिन्न जिलों से आए लोगों की भागीदारी ने मेले को सामाजिक संपर्क का साझा मंच बनाया। जीवनसाथी चुनने की परंपरा और नागपुरी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस वर्ष भी आयोजन के मुख्य केंद्र रहे।