पथरगामा में मानव तस्करी पीड़ितों के कानूनी अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम

गोड्डा के बिसाहा पंचायत भवन और मध्य विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मानव तस्करी व यौन शोषण के पीड़ितों को उपलब्ध संरक्षण, पुनर्वास और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।

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गोड्डा जिले के पथरगामा प्रखंड में मानव तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण की रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिसाहा पंचायत भवन और मध्य विद्यालय बिसाहा में हुए इस आउटरीच कार्यक्रम में पीड़ितों के अधिकारों तथा उनके लिए उपलब्ध कानूनी सेवाओं के बारे में बताया गया।

कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार और सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर आयोजित किया गया। प्राधिकरण की टीम ने कहा कि मानव तस्करी रोकने के लिए जोखिम वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क और जागरूक बनाना आवश्यक है।

एलएडीसी आयूष राज ने प्रतिभागियों को मानव तस्करी और वाणिज्यिक यौन शोषण के पीड़ितों के लिए तैयार विधिक सेवा योजना, 2015 की जानकारी दी। बताया गया कि यह योजना विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत पीड़ितों के अधिकारों की रक्षा और उन्हें न्याय तक पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाई गई है।

कार्यक्रम में दी गई जानकारी के अनुसार, योजना के तहत पीड़ित को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने, अस्थायी आश्रय, चिकित्सा सहायता और परामर्श उपलब्ध कराने में सहयोग किया जा सकता है। पुनर्वास के साथ समाज में सम्मानजनक जीवन दोबारा शुरू करने में मदद करना भी इस व्यवस्था के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।

टीम ने बताया कि पीड़ित को प्राथमिकी दर्ज कराने से लेकर अदालत में मुकदमा लड़ने और मुआवजे की प्रक्रिया तक मुफ्त कानूनी सहायता दी जा सकती है। जरूरत पड़ने पर स्वाधार गृह और उज्ज्वला होम जैसे सुरक्षित आश्रय स्थलों में अस्थायी रूप से ठहराने की व्यवस्था भी कराई जाती है।

नाबालिग पीड़ितों के मामलों में पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों और तस्करी के शिकार बच्चों के लिए बाल न्याय अधिनियम के तहत संरक्षण व पुनर्वास की व्यवस्था की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में पीएलवी बासुदेव मणी, नंदन कुमार और राम विलास महतो ने भी अपने विचार रखे।