पश्चिमी सिंहभूम के नोवामुंडी प्रखंड स्थित पदापहाड़ गांव में रेल परियोजना के भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पर गुरुवार को बुलाई गई ग्रामसभा स्थगित हो गई। मुंगड़ू साई टोला में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष रैयत पहुंचे थे, लेकिन संबंधित अधिकारियों के नहीं आने के कारण प्रस्ताव पर विचार-विमर्श नहीं हो सका।
यह ग्रामसभा डांगुवापोसी से जुरूली स्टेशन तक करीब 42 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेल लाइन तथा आरओबी के लिए जमीन अधिग्रहण से पहले रैयतों की राय जानने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। पदापहाड़ गांव के मुंडा लक्ष्मण बालमुचू को सभा की अध्यक्षता करनी थी।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, रैयत सुबह 10 बजे निर्धारित स्थल पर पहुंच गए थे। उन्हें जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, रेलवे के संबंधित अधिकारी, नोवामुंडी के प्रभारी अंचल अधिकारी और क्षेत्रीय मानकी की प्रतीक्षा थी। चार घंटे इंतजार करने के बाद भी अधिकारी नहीं पहुंचे तो दोपहर करीब दो बजे रैयत सभा स्थल से लौट गए। इस दौरान उन्होंने नाराजगी जताते हुए नारेबाजी भी की।
प्रभारी अंचल अधिकारी की ओर से अंचलकर्मी शेखर हेम्ब्रम को मौके पर भेजा गया। उन्होंने ग्रामसभा स्थगित किए जाने की घोषणा की। ग्रामीण मुंडा के मुताबिक, नोवामुंडी अंचल कार्यालय ने 16 अक्टूबर को पत्र जारी कर रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पर ग्रामसभा आयोजित किए जाने की सूचना दी थी।
ग्रामीण प्रतिनिधि ने अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाया और कहा कि अगली ग्रामसभा की तारीख जमीन मालिक स्वयं तय करेंगे। सभा में पहुंचे रैयतों का असंतोष मुख्य रूप से इस बात को लेकर था कि औपचारिक सूचना के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं हुए।
इसी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को महूदी स्टेशन बस्ती के दुर्गा पूजा पंडाल और शनिवार को सारबिल मुंडासाई में भी ग्रामसभा की तारीख तय की गई है। पदापहाड़ की स्थगित बैठक के लिए नई तारीख की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।