लातेहार जिले के बरवाडीह क्षेत्र में पलामू किला जाने वाले मार्ग और बेतला राष्ट्रीय उद्यान के आसपास जंगली हाथियों की सक्रियता बढ़ी है। इसे देखते हुए वन विभाग ने पर्यटकों और आसपास के ग्रामीणों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है। लोगों से हाथियों से पर्याप्त दूरी रखने और उनकी मौजूदगी वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की गई है।
विभाग के अनुसार, पलामू किला मार्ग के आसपास हाथियों के विचरण के अनुकूल प्राकृतिक क्षेत्र है। हाल के दिनों में हाथियों को सड़क किनारे और मार्ग के आसपास घूमते देखा गया है। उनकी आवाजाही से रास्ते से गुजरने वाले लोगों को रुकना भी पड़ सकता है। विभाग की फोटोग्राफी और वीडियो रिकॉर्डिंग में भी वन्यजीवों की सक्रियता सामने आई है।
सुरक्षा निर्देशों में बिना अनुमति दोपहिया और तिपहिया वाहनों को किला मार्ग पर ले जाने से बचने को कहा गया है। ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की सलाह भी दी गई है। हाथियों के सामने आने पर उनके पास पहुंचने, रास्ता रोकने या उत्सुकतावश तस्वीर लेने के लिए करीब जाने से जोखिम बढ़ सकता है।
प्रभारी रेंजर उमेश कुमार दुबे ने ग्रामीणों और पर्यटकों से विशेष सावधानी बरतने को कहा है। उनकी सलाह के मुताबिक हाथियों को छेड़ने, शोर मचाकर परेशान करने अथवा उनके आवागमन के रास्ते में बाधा डालने से बचना चाहिए। जिस जगह हाथियों की मौजूदगी की सूचना हो, वहां जाने का जोखिम नहीं लेना चाहिए।
वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी रख रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को समय रहते सचेत करना और किसी अप्रिय घटना की आशंका कम करना है। जंगल में हाथियों का व्यवहार अचानक बदल सकता है, इसलिए सुरक्षित दूरी और विभागीय निर्देशों का पालन सबसे महत्वपूर्ण सावधानी बताई गई है।
ऐतिहासिक पलामू किला पर्यटकों को आकर्षित करता है और उसका मार्ग वन क्षेत्र से होकर गुजरता है। ऐसे में किला देखने जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय स्थिति की जानकारी लेने तथा रास्ते में वन्यजीव दिखने पर आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से भी जंगल में मानवीय आवाजाही सीमित रखने में सहयोग मांगा गया है।