झारखंड के 540 कल्याण छात्रावासों में भोजन व्यवस्था की तैयारी, जिलों को एजेंसी चुनने का निर्देश

कल्याण छात्रावासों के 25 हजार से अधिक विद्यार्थियों को तीन समय भोजन देने की योजना है। एजेंसी चयन के लिए जिलों को इसी माह टेंडर प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

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झारखंड के कल्याण छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए भोजन व्यवस्था की सांकेतिक तस्वीर

रांची: झारखंड के कल्याण विभाग से संचालित करीब 540 छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए नियमित भोजन की व्यवस्था शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इन छात्रावासों में 25 हजार से अधिक विद्यार्थी रहते हैं। विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को पत्र भेजकर एजेंसी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है।

योजना के तहत प्रत्येक विद्यार्थी के भोजन पर हर महीने तीन हजार रुपये उपलब्ध कराए जाएंगे। चयनित एजेंसी छात्रावासों में सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना उपलब्ध कराएगी। अभी इन छात्रावासों में विद्यार्थियों को मुख्य रूप से आवासीय सुविधा मिलती है और भोजन का प्रबंध उन्हें स्वयं करना पड़ता है।

कल्याण छात्रावासों में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थी रहते हैं। भोजन व्यवस्था के संचालन के लिए विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार कर्मचारी भी रखे जाएंगे। प्रत्येक 100 विद्यार्थियों पर एक प्रबंधक, एक रसोइया और एक सफाईकर्मी रखने का प्रावधान बताया गया है। इनके मानदेय की राशि भोजन मद से अलग होगी।

एजेंसी चुनने की जिम्मेदारी अब राज्य स्तर के बजाय संबंधित जिलों को दी गई है। जिलों को इसी महीने टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया है। एजेंसी का चयन हो जाने के बाद भोजन के लिए धनराशि राज्य स्तर से जारी की जाएगी और संबंधित एजेंसी नियमित संचालन की जिम्मेदारी संभालेगी।

इससे पहले एजेंसी चयन के लिए राज्य स्तर पर टेंडर निकाला गया था, लेकिन पर्याप्त एजेंसियों की भागीदारी नहीं होने के कारण उसे रद्द करना पड़ा। इसी वजह से योजना लागू होने में देरी हुई। अब जिला स्तर पर प्रक्रिया कराने के फैसले से चयन जल्द पूरा होने की उम्मीद जताई गई है।

विभागीय तैयारी के अनुसार प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी करने का लक्ष्य है। छात्रावासों में भोजन की नियमित सुविधा इस वर्ष के अंत तक या अधिकतम जनवरी 2027 से शुरू होने की बात कही गई है। वास्तविक शुरुआत जिला स्तर पर टेंडर, एजेंसी चयन और उसके बाद राशि जारी होने की प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगी।