पश्चिमी सिंहभूम के पांच प्रखंडों में आयुष स्वास्थ्य शिविर, 372 लोगों की निःशुल्क जांच

चक्रधरपुर, टोंटो, नोवामुंडी, तांतनगर और सोनुआ में आयोजित शिविरों में वृद्धजनों समेत ग्रामीणों की जांच की गई तथा जरूरत के अनुसार आयुष औषधियां दी गईं।

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पश्चिमी सिंहभूम में आयोजित आयुष स्वास्थ्य शिविर में ग्रामीणों की जांच

पश्चिमी सिंहभूम जिले के पांच प्रखंडों में आयोजित ऑस्टियोआर्थराइटिस एवं विशेष वृद्धजन आयुष स्वास्थ्य शिविरों में कुल 372 लोगों की निःशुल्क जांच की गई। चक्रधरपुर, टोंटो, नोवामुंडी, तांतनगर और सोनुआ में लगे इन शिविरों में जांच के बाद मरीजों को उनकी जरूरत के अनुसार आयुष औषधियां भी दी गईं।

शिविरों का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों, विशेषकर वृद्धजनों को घर के नजदीक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना था। इस दौरान बीमारियों की समय पर पहचान और उचित उपचार पर जोर दिया गया। स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को नियमित जांच कराने तथा समस्या होने पर इलाज में देरी नहीं करने की सलाह दी।

लाभार्थियों के रक्तचाप, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन की जांच की गई। जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, चलने-फिरने में परेशानी, शारीरिक कमजोरी, बुखार तथा खांसी जैसी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को चिकित्सकीय परामर्श मिला। महिलाओं और बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों पर भी आवश्यक सलाह दी गई।

चिकित्सकों ने वृद्धावस्था में सामने आने वाली सामान्य बीमारियों और उनकी देखभाल के बारे में जानकारी साझा की। लोगों को संतुलित व पौष्टिक भोजन, पर्याप्त पानी, शारीरिक सक्रियता, स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण का महत्व समझाया गया। ग्रामीणों को हल्का व्यायाम और नियमित योग अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया।

गंभीर या लंबे समय से बीमार मरीजों के संदर्भ में उपशामक देखभाल की उपयोगिता भी बताई गई। इसके तहत दर्द से राहत, शारीरिक एवं मानसिक सहयोग और मरीज को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता देने से जुड़ी जानकारी दी गई। शिविरों में आयोजित योग सत्रों के माध्यम से दैनिक जीवन में स्वस्थ आदतें शामिल करने का संदेश दिया गया।

इन शिविरों में चिकित्सकों के साथ योग प्रशिक्षकों और सहियाओं ने भी सहयोग किया। स्वास्थ्यकर्मियों ने ग्रामीणों से कहा कि किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या सामने आने पर वे निकटतम सहिया से संपर्क करें और जांच तथा उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाएं। इस पहल से पांचों प्रखंडों के ग्रामीणों, खासकर वृद्धजनों को जांच, दवा और परामर्श एक ही स्थान पर मिला।