पाकुड़ जिले में 11वें आयुर्वेद दिवस से पहले आयुष विभाग ने विभिन्न प्रखंडों के छह गांवों में स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए। इन शिविरों में कुल 217 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के बाद जरूरत के अनुसार लोगों को नि:शुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं।
शिविर पाकुड़ प्रखंड के चन्द्रपाड़ा, लिट्टीपाड़ा प्रखंड के सवालापुर और हाथीबथान तथा अमड़ापाड़ा प्रखंड के मालीपाड़ा में लगाए गए। पाकुड़िया प्रखंड के पत्थरडांगा और मोंगलाबांध में भी ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस तरह कार्यक्रम को जिले के अलग-अलग ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया गया।
स्वास्थ्य कर्मियों और चिकित्सकों ने शिविरों में आए लोगों के रक्तचाप और मधुमेह की जांच की। इसके अलावा जोड़ एवं गठिया से जुड़ी परेशानियों और बच्चों की विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं का भी परीक्षण किया गया। जांच के आधार पर जरूरतमंद लाभुकों को आवश्यक दवाइयां दी गईं।
स्वास्थ्य परीक्षण में डॉ. अबुतालिब शेख, डॉ. सौरभ विश्वास, डॉ. प्रेम प्रकाश, डॉ. मिथिलेश कुमार, डॉ. संतोष कुमार यादव और डॉ. बीरेंद्र कुमार विश्वकर्मा शामिल रहे। अफरोज आलम ने भी शिविर के संचालन में भागीदारी की। विभाग का उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं के साथ लोगों को आयुर्वेद पद्धति के प्रति जागरूक करना रहा।
जिला आयुष पदाधिकारी डॉ. विपिन चंद्र गुप्ता के अनुसार, आयुर्वेद दिवस हर वर्ष 23 सितंबर को मनाया जाता है। इसके तहत सेमिनार, रैली और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को आयुर्वेद की उपयोगिता तथा महत्व की जानकारी दी जाती है। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में आयुर्वेद की भूमिका पर भी जोर दिया।