पाकुड़ में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच, एक्सपायर्ड सामान और खराब तेल नष्ट कराया गया

पूजा-पर्व से पहले पाकुड़ के रेलवे फाटक क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और नाश्ते की दुकानों की जांच की। एक्सपायर्ड पैकेटबंद सामग्री और मानक से अधिक टीपीसी वाला तेल नष्ट कराया गया।

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पाकुड़ के रेलवे फाटक क्षेत्र में खाद्य प्रतिष्ठान की जांच करती खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम

पाकुड़ के रेलवे फाटक क्षेत्र में पूजा-पर्व को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिठाई और नाश्ते के प्रतिष्ठानों की जांच की। अभियान में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी वैधता अवधि, भंडारण व्यवस्था और इस्तेमाल किए जा रहे तेल की स्थिति परखी गई। जांच के दौरान बिक्री के लिए रखी एक्सपायर्ड सामग्री मिलने पर उसे हटवाकर नष्ट करा दिया गया।

यह अभियान उपायुक्त मेघा भारद्वाज के मार्गदर्शन और अभिहित अधिकारी-सह-अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के निर्देश पर चलाया गया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अभिमन्यु कुमार के नेतृत्व वाली टीम ने कृष्णा स्वीट्स स्टोर सहित क्षेत्र के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।

कृष्णा स्वीट्स स्टोर में भुजिया, बिस्किट-केक और 1.75 लीटर पैकिंग वाली माजा मैंगो कोल्ड ड्रिंक वैधता अवधि समाप्त होने के बाद भी मिली। टीम ने इन वस्तुओं को बिक्री से हटवाया और मौके पर नष्ट कराया। कारोबारी को आगे से पैकेटबंद खाद्य सामग्री की एक्सपायरी और ‘बेस्ट बिफोर’ तिथि नियमित रूप से जांचने का निर्देश दिया गया।

अधिकारियों ने नाश्ते की दुकानों में समोसा तथा अन्य खाद्य पदार्थ तलने के लिए इस्तेमाल हो रहे तेल की भी जांच की। एक प्रतिष्ठान में तेल के टोटल पोलर कंपाउंड यानी टीपीसी की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाई गई। इसके बाद उस तेल को खाद्य उपयोग से अलग कर मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

खाद्य कारोबारियों से सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण तेल इस्तेमाल करने को कहा गया है। विभाग ने उन्हें तेल की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखने और उपभोक्ताओं को मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री ही उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, त्योहारों के मद्देनजर जिले में यह जांच अभियान प्रतिदिन जारी रहेगा। इस दौरान मिठाई, पनीर, दुग्ध उत्पाद, खोया, नमकीन, भुजिया, खाद्य तेल और पैकेज्ड सामग्री की गुणवत्ता, वैधता अवधि तथा स्वच्छता की जांच होगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाएगी।