पाकुड़ में शहरकोल-प्यादापुर बाइपास अधूरा, 18 घंटे की नो-एंट्री से कारोबार प्रभावित

पाकुड़ की 6.34 किलोमीटर लंबी शहरकोल-प्यादापुर बाइपास सड़क भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान में देरी के कारण अधूरी है। शहर में लागू नो-एंट्री से व्यापारियों को सामान की आवाजाही में परेशानी हो रही है।

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पाकुड़ में निर्माणाधीन शहरकोल-प्यादापुर बाइपास सड़क

पाकुड़ जिला मुख्यालय को यातायात जाम से राहत दिलाने के लिए स्वीकृत शहरकोल-प्यादापुर बाइपास सड़क का निर्माण अब तक पूरा नहीं हो सका है। अधूरी सड़क और शहरी क्षेत्र में लागू नो-एंट्री व्यवस्था के कारण स्थानीय व्यापारियों तथा कारोबारियों को सामान की ढुलाई में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शहर में प्रतिदिन सुबह छह बजे से रात दस बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहती है। इस अवधि में खाद्य सामग्री, फल और सब्जियां लेकर आने वाले बड़े वाहन भी शहरी क्षेत्र में नहीं पहुंच पाते। खनिज लदे वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से जिले की आर्थिक गतिविधियों और सरकारी राजस्व वसूली पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।

राज्य सरकार ने शहर की जाम समस्या कम करने के उद्देश्य से शहरकोल से प्यादापुर तक 6.34 किलोमीटर लंबी बाइपास सड़क को मंजूरी दी थी। परियोजना की स्वीकृत लागत 24 करोड़ 49 लाख 95 हजार 160 रुपये है। निर्माण एजेंसी को अब तक 15 करोड़ 30 लाख 46 हजार रुपये का भुगतान किए जाने की जानकारी दी गई है।

परियोजना के छोटी अलीगंज से सुंदरपुर तक के हिस्से में अधिग्रहित जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण स्थानीय रैयतों ने निर्माण रोक दिया है। लंबित भुगतान पूरा होने तक इस हिस्से में काम बंद रहने की स्थिति है। प्रशासन ने हाल में प्रभावित रैयतों को मुआवजा देने की मंजूरी दी है।

भू-अर्जन विभाग ने सात स्थानों से जुड़े कुल 109 पंचाट के भुगतान के लिए नोटिस जारी किया है। इनमें छोटी अलीगंज के 16, चकबलरामपुर के 35, दुर्गापुर के 21, महुआडांगा के 10, नंदीपाड़ा के चार, प्यादापुर के 10 और सुंदरपुर के 13 पंचाट शामिल हैं।

उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण बाइपास का निर्माण अधूरा है। अधिकारियों को अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने का निर्देश दिया गया है। उनके अनुसार, इस वर्ष के अंत तक परियोजना के काम में प्रगति दिखाई देने की उम्मीद है।