पाकुड़ में स्कूल वाहनों की जांच, सुरक्षा कमियां दूर करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत

परिवहन विभाग ने निजी विद्यालयों के वाहनों का निरीक्षण कर कागजात और सुरक्षा मानकों की जांच की। अधूरे दस्तावेज दो दिनों में दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया।

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पाकुड़ में स्कूल वाहनों की जांच करती परिवहन विभाग की टीम

पाकुड़ जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग ने निजी विद्यालयों के वाहनों का भौतिक निरीक्षण शुरू किया है। उपायुक्त के आदेश और जिला परिवहन पदाधिकारी के निर्देश पर डीपीएस पब्लिक स्कूल, पाकुड़ के वाहनों की जांच की गई। इस दौरान टीम ने वाहनों के जरूरी कागजात और निर्धारित सुरक्षा मानकों की स्थिति देखी।

निरीक्षण में कुछ स्कूल वाहनों के दस्तावेजों में कमियां मिलीं। मोटरयान निरीक्षक ने संबंधित वाहन संचालकों को दो दिनों के भीतर आवश्यक कागजात दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि दस्तावेज पूरे होने के बाद ही इन वाहनों का इस्तेमाल बच्चों को घर से स्कूल लाने और वापस पहुंचाने के लिए किया जाए।

विद्यालय प्रबंधन को सभी वाहनों को निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप रखने को कहा गया है। परिवहन विभाग और सर्वोच्च न्यायालय की ओर से तय सुरक्षा प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया। जिले के सभी निजी विद्यालयों को वाहनों में मौजूद कमियां दूर कर एक सप्ताह के भीतर पूर्ण अनुपालन करने को कहा गया है।

जांच के दौरान विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों से भी बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की गई। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि वाहनों में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है। यदि किसी स्तर पर कोई कमी रह गई है तो उसे एक सप्ताह के भीतर दूर कर लिया जाएगा।

निरीक्षण के समय मोटरयान निरीक्षक अमित कुमार, जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक रितेश कुमार सिंह और सड़क यांत्रिक विश्लेषक मोहम्मद अजहद अंसारी मौजूद रहे। विद्यालय के प्राचार्य, मैनेजिंग डायरेक्टर और अन्य प्रतिनिधि भी जांच के दौरान उपस्थित थे।

जिला परिवहन विभाग ने विद्यालय संचालकों से स्कूल वाहनों की नियमित जांच और रखरखाव कराने को कहा है। विभाग ने सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील करते हुए संकेत दिया कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले वाहनों के दस्तावेज और सुरक्षा व्यवस्था दोनों दुरुस्त रखना विद्यालयों तथा वाहन संचालकों की जिम्मेदारी है।