पाकुड़ सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर नहीं, अज्ञात शवों के संरक्षण में परेशानी

डीप फ्रीजर उपलब्ध नहीं होने के कारण पाकुड़ सदर अस्पताल में अज्ञात शवों को निर्धारित 72 घंटे तक सुरक्षित रखने के लिए बर्फ की सिल्लियों का सहारा लिया जा रहा है।

2 मिनट पढ़ें 4 बार पढ़ी गई
पाकुड़ सदर अस्पताल का पोस्टमार्टम हाउस, जहां डीप फ्रीजर की सुविधा उपलब्ध नहीं है

पाकुड़ सदर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर की सुविधा नहीं है। इससे विशेष रूप से अज्ञात शवों को निर्धारित अवधि तक सुरक्षित रखने में अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। मौजूदा व्यवस्था में शवों के संरक्षण के लिए बर्फ की सिल्लियों का इस्तेमाल किया जाता है।

नियम के अनुसार किसी अज्ञात शव को पहचान और आवश्यक प्रक्रिया के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखना पड़ सकता है। अस्पताल में डीप फ्रीजर नहीं होने के कारण इतनी लंबी अवधि तक शव की स्थिति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। बर्फ की सिल्लियां तात्कालिक विकल्प तो हैं, लेकिन लंबे समय के संरक्षण के लिए उन्हें पर्याप्त व्यवस्था नहीं माना जा रहा है।

अस्पताल कार्यालय से उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर में अब तक 17 शवों का पोस्टमार्टम किया गया है। इनमें सड़क दुर्घटना, आत्महत्या तथा अन्य संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों से जुड़े मामले शामिल हैं। एक साथ अधिक शव आने की स्थिति में उपलब्ध स्थान और संरक्षण की समस्या और बढ़ सकती है।

अज्ञात शवों के मामले में पुलिस को पहचान सुनिश्चित करने और दूसरी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय चाहिए होता है। ऐसी स्थिति में सुरक्षित संरक्षण की उचित सुविधा आवश्यक है। फिलहाल डीप फ्रीजर के अभाव में अस्पताल और पुलिस को बर्फ की व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

पाकुड़ के सिविल सर्जन डॉ. प्रवीण कुमार संथालिया ने पोस्टमार्टम हाउस में डीप फ्रीजर उपलब्ध नहीं होने की पुष्टि की है। उनके अनुसार, अभी अज्ञात शवों को बर्फ की सिल्लियों की मदद से रखा जाता है। उन्होंने इस सुविधा के लिए जल्द पहल किए जाने की बात कही है।