पलामू जिला प्रशासन ने मेदिनीनगर के पांकी रोड पर संचालित एक निजी अस्पताल को सील कर दिया है। यह कार्रवाई अस्पताल में प्रसव के बाद दो महिलाओं और एक नवजात की मौत के मामले में गठित जांच समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद की गई। अस्पताल को सील करने से पहले उसका लाइसेंस निलंबित किया गया था।
प्रशासनिक कार्रवाई के लिए प्रशिक्षु आईएएस ऋतिक मेहता और सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय पांडेय के नेतृत्व में टीम अस्पताल पहुंची। टीम ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिसर को सील कर दिया। इससे पहले अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद जिला स्तर पर मामले की जांच शुरू कराई गई थी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले शुक्रवार की रात और शनिवार की सुबह अस्पताल में बच्चे को जन्म देने के बाद दो महिलाओं की मौत हुई थी। इसी अवधि में एक नवजात की भी मृत्यु हुई। तीन मौतों के बाद पलामू के सिविल सर्जन ने प्रकरण की पड़ताल के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की थी।
जांच रिपोर्ट में अस्पताल की व्यवस्था से जुड़े कई बिंदुओं पर लापरवाही की पुष्टि होने की बात कही गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन ने पहले अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया और फिर परिसर को सील करने की कार्रवाई की। रिपोर्ट में दर्ज विस्तृत निष्कर्षों की अन्य जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
मामले में अस्पताल प्रबंधन के विरुद्ध मेदिनीनगर टाउन थाने में प्राथमिकी भी दर्ज की गई है। गढ़वा निवासी एक मृतका के पति ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाने में आवेदन दिया था। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की सत्यता अब पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।
टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को सौंपी गई है। इस तरह प्रकरण में प्रशासनिक जांच के आधार पर अस्पताल पर कार्रवाई हो चुकी है, जबकि आपराधिक जिम्मेदारी से जुड़े पहलुओं की पुलिस पड़ताल जारी है।