बड़गाईं जमीन मामले में हाईकोर्ट ने ईडी से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 16 सितंबर को

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए अदालत से डिस्चार्ज याचिका खारिज होने के आदेश को चुनौती दी है। झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट भवन का दृश्य

रांची के बड़गाईं क्षेत्र की 8.86 एकड़ जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की याचिका पर बुधवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को निर्धारित की गई है।

हेमंत सोरेन ने विशेष पीएमएलए अदालत के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी है, जिसके तहत उनकी डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी गई थी। उनकी ओर से दाखिल आपराधिक पुनरीक्षण याचिका में निचली अदालत के आदेश को रद्द करने और मामले की आगे की आपराधिक कार्यवाही से राहत देने का आग्रह किया गया है।

विशेष पीएमएलए अदालत ने 8 जून 2026 को डिस्चार्ज याचिका खारिज की थी। अदालत ने ईडी की ओर से प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर उस स्तर पर प्रथमदृष्टया मामला बनने की बात कही थी। इसी आदेश की न्यायिक समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट का रुख किया है।

बुधवार की सुनवाई में मुख्यमंत्री की ओर से वरीय अधिवक्ता मीनाक्षी अरोड़ा और अधिवक्ता शशांक शेखर ने पक्ष रखा। ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास और अधिवक्ता सौरव कुमार अदालत में उपस्थित हुए। अब ईडी के जवाब के बाद याचिका पर आगे विचार किया जाएगा।

यह मामला बड़गाईं की जमीन के स्वामित्व और उससे संबंधित दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की जांच से जुड़ा है। ईडी ने जांच के आधार पर विशेष अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। विशेष अदालत इस प्रकरण के कई सह-आरोपियों के विरुद्ध पहले ही आरोप तय कर चुकी है।

हाईकोर्ट के मौजूदा निर्देश का संबंध ईडी से जवाब मांगने और अगली सुनवाई की तारीख तय करने तक है। याचिका में उठाए गए सवालों पर अंतिम निर्णय अभी नहीं हुआ है। इसलिए जमीन से जुड़े आरोप न्यायिक विचाराधीन हैं और मामले की आगे की स्थिति 16 सितंबर की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।