बरकाकाना में मंदिर की तर्ज पर बन रहा दुर्गा पूजा पंडाल, कैमरे और ड्रोन से होगी निगरानी

रामगढ़ के नया नगर बरकाकाना में दुर्गा पूजा और मेले की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। पंडाल, पर्यावरण अनुकूल प्रतिमा, रावण दहन और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विस्तृत तैयारी की गई है।

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रामगढ़ जिले के नया नगर बरकाकाना में दुर्गा पूजा और मेले की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। श्री श्री दुर्गा पूजा समिति इस बार पश्चिम बंगाल के कल्याणी स्थित आईटीआई मोड़ के एक प्रसिद्ध मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनवा रही है। समिति के मुताबिक, पंडाल के निर्माण पर 13 लाख एक रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पंडाल में शीशे, शंख और सीप से सजावट की जाएगी, जबकि इसकी छत पर बहुरंगी रोशनी लगाई जाएगी। पौराणिक कथाओं पर आधारित विद्युत सज्जा की जिम्मेदारी बोकारो के नावाडीह की एक एजेंसी को दी गई है। इस काम पर 8 लाख 11 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई है। परिसर में 10 अलग-अलग लाइटिंग इंस्टॉलेशन भी लगाए जाएंगे।

पूजा के लिए पर्यावरण अनुकूल दुर्गा प्रतिमा तैयार की जा रही है। मूर्तिकार अजय पाल 1 लाख 91 हजार रुपये की लागत से प्रतिमा बना रहे हैं। प्रतिमा की पृष्ठभूमि में त्रि-आयामी पेंटिंग भी होगी। समिति ने पंडाल, प्रतिमा और प्रकाश व्यवस्था को आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया है।

विजयादशमी पर फुटबॉल मैदान में 70 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन प्रस्तावित है। गया के कारीगर 78 हजार रुपये की लागत से पुतला बना रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान आतिशबाजी की भी तैयारी है, जिसके लिए 1 लाख 11 हजार रुपये की व्यवस्था की गई है।

आयोजन स्थल और मेले में सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के लिए 60 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इनके अलावा 360 डिग्री निगरानी वाले दो कैमरे और दो ड्रोन इस्तेमाल करने की योजना है। चार बड़ी स्क्रीन वाला नियंत्रण कक्ष बनाया जाएगा और मेला क्षेत्र में पांच निगरानी टावर भी तैयार किए जा रहे हैं।

मेले में पारंपरिक झूलों के साथ कई नए मनोरंजन साधन लगाने की तैयारी है। दो बड़े टावर झूले, ब्रेक डांस, टोरा-टोरा, मौत का कुआं, बड़ा नाव और सुपर ड्रैगन के अलावा पहली बार जीरो ग्रेविटी, थ्री-स्विंग, डांसिंग फ्लाई, जलपरी और भूलभुलैया को शामिल किया जा रहा है। समिति के अनुसार, पंडाल और मेले से जुड़ी तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं।