लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में 1500 से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों और चौक-चौराहों पर लगाई गई इन लाइटों की मरम्मत के लिए विभागीय स्तर पर पहल नहीं होने की बात सामने आई है।
ग्रामीणों के अनुसार, अलग-अलग पंचायतों में वर्षों पहले लगभग 3500 स्ट्रीट लाइट लगाई गई थीं। इस योजना पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे। इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की सड़कों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों को रोशन करना तथा लोगों को अंधेरे से राहत देना था।
बताया गया है कि स्थापना के बाद कुछ महीनों तक लाइटें ठीक ढंग से काम करती रहीं। इसके बाद वे धीरे-धीरे खराब होने लगीं। मौजूदा स्थिति में कुल लाइटों में से 1500 से अधिक के बंद पड़े होने की बात कही जा रही है। इससे शाम और रात के समय संबंधित इलाकों में आवाजाही करने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।
शुरुआती दौर में कुछ पंचायतों ने अपने स्तर से खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत भी कराई थी। हालांकि, बाद में मरम्मत की प्रक्रिया में विभागीय अनापत्ति प्रमाणपत्र से जुड़ी बाधा सामने आई। विद्युत विभाग की अनुमति के बिना लाइटों की मरम्मत नहीं कराने के निर्देश के कारण पंचायत स्तर पर काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
बड़ी संख्या में लाइटें बंद रहने के बावजूद उनकी मरम्मत की स्पष्ट व्यवस्था नहीं बन सकी है। इसका सीधा असर उन ग्रामीणों पर पड़ रहा है, जिनके लिए ये लाइटें सड़क और चौक-चौराहों पर रात के समय रोशनी का प्रमुख साधन थीं।
समस्या के समाधान के लिए संबंधित विभाग और पंचायतों के बीच आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर मरम्मत शुरू किए जाने की जरूरत है। फिलहाल खराब लाइटों को कब तक ठीक किया जाएगा, इसकी कोई समयसीमा सामने नहीं आई है और ग्रामीणों को अंधेरे की समस्या से राहत मिलने का इंतजार है।