पूर्वी सिंहभूम के बहरागोड़ा लैम्पस में किसानों की जमा राशि लौटाने से जुड़े मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने अंतरिम निर्देश जारी किया है। अदालत ने झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम को छह नवंबर 2026 तक 25 लाख रुपये कोर्ट में जमा करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 19 नवंबर को निर्धारित है।
यह निर्देश मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने 15 अक्टूबर को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। दिनेश महतो ने करीब 400 किसानों की ओर से याचिका दायर की है। याचिका में बहरागोड़ा लैम्पस में जमा किसानों की लगभग 24.64 लाख रुपये की राशि वापस नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया है।
अदालत के समक्ष रखे गए लैम्पस के हलफनामे में किसानों की जमा राशि से इनकार नहीं किया गया है। संस्था का पक्ष है कि खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम से कमीशन और अन्य मदों में उसे करीब 1.09 करोड़ रुपये मिलने बाकी हैं। लैम्पस ने इसी वित्तीय स्थिति के बीच जमाकर्ताओं की राशि लौटाने में असमर्थता बताई है।
राज्य सरकार के हलफनामे में निगम से 1.28 करोड़ रुपये बकाया होने का उल्लेख किया गया है। इसमें जमाकर्ताओं के प्रति लैम्पस की कुल देनदारी 38.62 लाख रुपये बताई गई है। हाईकोर्ट ने प्रारंभिक तौर पर माना कि उपलब्ध दस्तावेज लैम्पस की ओर से किए गए बकाया भुगतान के दावे का समर्थन करते हैं।
खंडपीठ ने निगम को विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें बकाया भुगतान की मौजूदा स्थिति और कमीशन की रकम नहीं देने के कारण स्पष्ट करने होंगे। आदेश का पालन सुनिश्चित करने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी निगम के प्रबंध निदेशक को दी गई है।
सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को भी छह नवंबर तक रिपोर्ट सौंपनी है। अदालत ने उनसे लैम्पस की वित्तीय स्थिति, कर्मचारियों तथा चल-अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाने को कहा है। आगे की सुनवाई में निगम और रजिस्ट्रार की रिपोर्ट के आधार पर किसानों की राशि से जुड़े विवाद पर विचार किया जाएगा।