झारखंड के 25,400 पीडीएस दुकानदारों को तौल मशीन शुल्क से मिलेगी छूट

राज्य कैबिनेट ने पीडीएस दुकानदारों को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन के सत्यापन और मुहरबंदी शुल्क से मुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

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झारखंड में पीडीएस दुकान पर इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से राशन तौलता दुकानदार

झारखंड में जनवितरण प्रणाली की दुकान चलाने वाले करीब 25,400 विक्रेताओं को इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन से जुड़े शुल्क से राहत मिलने जा रही है। राज्य कैबिनेट ने इन दुकानदारों को मशीन के सत्यापन और मुहरबंदी शुल्क से मुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

स्वीकृत प्रस्ताव के अनुसार, छूट लागू होने के बाद प्रत्येक पीडीएस दुकानदार को सालाना लगभग तीन हजार रुपये की बचत होने का अनुमान है। अब तक इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन के निर्धारित सत्यापन और उस पर मुहर लगाने की प्रक्रिया के लिए यह शुल्क देना पड़ता था।

कैबिनेट के निर्णय को प्रभावी बनाने के लिए झारखंड विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियमावली-2011 में संशोधन किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नियमावली के नियम 17 के उपनियम (5) के बाद नया उपनियम 17 (6) जोड़ा जाएगा।

नियमावली में यह प्रावधान जुड़ने के बाद जनवितरण प्रणाली के दुकानदार इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों के सत्यापन एवं मुहरबंदी शुल्क से औपचारिक रूप से मुक्त हो सकेंगे। इस संशोधन के माध्यम से कैबिनेट की मंजूरी को नियमों का हिस्सा बनाया जाएगा।

फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने राज्य कैबिनेट के फैसले का स्वागत किया है। एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्ञानदेव झा के अनुसार, पीडीएस दुकानदार लंबे समय से इस शुल्क में छूट की मांग कर रहे थे। उन्होंने निर्णय के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कैबिनेट के मंत्रियों के प्रति आभार जताया है।

यह फैसला सीधे उन दुकानदारों से संबंधित है जो राज्य में जनवितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य की दुकानें संचालित करते हैं। नियमावली में प्रस्तावित संशोधन पूरा होने के बाद उन्हें हर वर्ष तौल मशीन के सत्यापन और मुहरबंदी पर होने वाले इस खर्च से राहत मिल सकेगी।