लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय में दुर्गापूजा की तैयारियां तेज हो गई हैं। यहां के दो प्रमुख पूजा पंडालों में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार भी भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए पूजा समितियां पंडाल, प्रवेश व्यवस्था और निगरानी से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
पूजा के प्रमुख दिनों में यातायात और पार्किंग का प्रबंधन बड़ी चुनौती बन सकता है। सप्तमी, अष्टमी, नवमी और दशमी को रांची-चतरा मुख्य मार्ग पर जाम लगने की आशंका जताई गई है। कई श्रद्धालु न्यू बस स्टैंड परिसर में वाहन खड़ा करने के बाद पूजा पंडालों तक जाते हैं, इसलिए सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ सकता है।
शांति समिति की बैठक में पूजा समिति ने सप्तमी से दशमी तक मुख्य मार्ग पर नो-एंट्री लागू करने की मांग रखी है। यह अभी समिति की मांग है। उपलब्ध जानकारी में प्रशासन की ओर से इस व्यवस्था को मंजूरी दिए जाने का उल्लेख नहीं है। पूजा के दौरान यातायात सामान्य रखने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है।
पूजा समिति के अनुसार, इस वर्ष पंडाल निर्माण और आयोजन पर करीब 15 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। केरल के अंबा मंदिर की तर्ज पर पंडाल तैयार किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रवेश द्वार बनाए गए हैं। पंडाल और आसपास के हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी भी है।
बालूमाथ में पूजा के दौरान दस दिनों तक भंडारे की योजना है। इसके अलावा 16 से 19 अक्टूबर तक चार दिवसीय डांडिया कार्यक्रम आयोजित किया जाना है। बाहर से आने वाले कलाकारों के भक्ति कार्यक्रम और पंडाल परिसर में आकर्षक रोशनी की व्यवस्था भी प्रस्तावित है। इन आयोजनों के कारण शाम के समय भीड़ और वाहनों की संख्या बढ़ सकती है।
समिति के सदस्य पूजा की शुरुआत से समापन तक व्यवस्था संभालने की तैयारी कर रहे हैं। विशेष रूप से अष्टमी, नवमी और दशमी को पंडालों तथा आसपास की सड़कों पर अधिक सतर्कता बरतने की बात कही गई है। आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए पार्किंग, प्रवेश मार्ग और मुख्य सड़क पर यातायात प्रबंधन अहम रहेगा।