बिना विभागीय अनुमति दूसरी शादी पर अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं: झारखंड हाई कोर्ट

झारखंड हाई कोर्ट ने कहा कि पहली पत्नी के जीवित रहते विभागीय अनुमति के बिना दूसरी शादी करने पर दूसरी पत्नी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार नहीं होगी। अदालत ने संबंधित अपील खारिज कर दी।

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रांची स्थित झारखंड हाई कोर्ट से संबंधित सांकेतिक दृश्य

रांची में झारखंड हाई कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों की दूसरी शादी और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पहली पत्नी के जीवित रहते सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना की गई दूसरी शादी के आधार पर दूसरी पत्नी, कर्मचारी की सेवाकाल में मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने दिवंगत पंचायत सेवक बरनवास मालतु की कथित दूसरी पत्नी की अपील पर सुनवाई करते हुए यह निर्णय दिया। अदालत के सामने मुख्य प्रश्न यह था कि विभागीय अनुमति के बिना हुई दूसरी शादी के बाद अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार बनता है या नहीं।

मामले के अनुसार, पंचायत सेवक बरनवास मालतु की 11 जुलाई 2011 को सेवाकाल के दौरान मृत्यु हो गई थी। इसके बाद कथित दूसरी पत्नी ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी और सेवानिवृत्ति लाभों में हिस्सेदारी की मांग की थी। अनुकंपा नियुक्ति का दावा खारिज होने के बाद मामला हाई कोर्ट पहुंचा था।

अपीलकर्ता की ओर से संथाली जनजाति की प्रथा का उल्लेख करते हुए दूसरी शादी को वैध बताया गया। खंडपीठ ने कहा कि सरकारी सेवा में लागू नियमों का पालन आवश्यक है। अदालत के अनुसार, प्रथागत कानून का तर्क सेवा नियमों की बाध्यता को समाप्त नहीं कर सकता और दूसरी शादी से पहले सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति जरूरी थी।

अदालत ने पाया कि संबंधित कर्मचारी ने दूसरी शादी से पहले विभाग से अनुमति नहीं ली थी। इस आधार पर दूसरी पत्नी को अनुकंपा नियुक्ति देने से इनकार किया गया और खंडपीठ ने इस संबंध में दाखिल अपील भी खारिज कर दी।

हालांकि, सेवानिवृत्ति लाभों के प्रश्न पर अदालत ने अलग व्यवस्था दी। फैसले के मुताबिक पहली पत्नी और दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे को ग्रेच्युटी में हिस्सा देने का आदेश दिया गया, लेकिन दूसरी पत्नी के अनुकंपा नियुक्ति के दावे को स्वीकार नहीं किया गया। इस तरह अदालत ने अनुकंपा नियुक्ति और सेवा से जुड़े आर्थिक लाभों के दावों पर अलग-अलग निर्णय दिया।