बीसीसीएल कर्मियों के खातों में 288 करोड़ रुपये का बोनस, प्रति कर्मचारी 1.10 लाख का भुगतान

बीसीसीएल ने अपने कर्मचारियों के खातों में कुल 288 करोड़ रुपये का बोनस जमा किया है। इस वर्ष प्रत्येक पात्र कोयला कर्मचारी को 1,10,250 रुपये दिए गए हैं।

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धनबाद में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड के कर्मचारियों को पूजा से पहले बोनस का भुगतान कर दिया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, कंपनी ने बोनस मद में कुल 288 करोड़ रुपये कर्मचारियों के बैंक खातों में जमा किए। भुगतान पूरा करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर निर्धारित थी।

इस वर्ष कोयला कंपनियों के प्रत्येक पात्र कर्मचारी के लिए बोनस की राशि 1,10,250 रुपये रही। बीसीसीएल के साथ कोल इंडिया की दूसरी अनुषंगी कंपनियों ने भी अपने कर्मचारियों को निर्धारित राशि का भुगतान कर दिया है। इससे धनबाद और आसपास के कोयला क्षेत्रों के हजारों परिवारों को त्योहार से पहले आर्थिक सहारा मिला है।

प्रकाशित जानकारी में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि देशभर के करीब 2.1 लाख कोयला कर्मचारियों के बीच कुल 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का बोनस बांटा गया। इनमें झारखंड की हिस्सेदारी लगभग 800 करोड़ रुपये बताई गई है। राज्य में करीब 65 से 70 हजार विभागीय कोयला कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने का अनुमान है।

झारखंड में कोल इंडिया की बीसीसीएल और सीसीएल जैसी बड़ी अनुषंगी कंपनियों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त सीएमपीडीआईएल तथा ईसीएल के राजमहल, मुगमा और चितरा क्षेत्र भी राज्य में स्थित हैं। इन इकाइयों के कर्मचारियों को किया गया भुगतान झारखंड में आई कुल बोनस राशि का हिस्सा है।

धनबाद की स्थानीय अर्थव्यवस्था में कोयला उद्योग और उससे जुड़े कर्मचारियों की आय की महत्वपूर्ण भूमिका है। एक साथ बड़ी राशि खातों में पहुंचने के बाद पूजा बाजार में खरीदारी बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। इसका असर कपड़ा, घरेलू सामान और अन्य स्थानीय कारोबार पर दिखाई दे सकता है।

बीसीसीएल के स्तर पर 288 करोड़ रुपये का भुगतान पूरा होने से बोनस को लेकर कर्मचारियों की प्रतीक्षा समाप्त हो गई है। देशव्यापी भुगतान के आंकड़ों के बीच धनबाद का हिस्सा यह भी दिखाता है कि जिले की आर्थिक गतिविधियों में सार्वजनिक क्षेत्र के कोयला उद्योग का योगदान कितना व्यापक है।