बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल में हृदय और कैंसर उपचार सेवाएं शुरू करने की तैयारी

धनबाद के बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल में कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी विभाग विकसित करने के लिए दो समितियां गठित की गई हैं। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के उन्नयन की कार्ययोजना बनेगी।

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धनबाद स्थित बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल का भवन

धनबाद स्थित बीसीसीएल केंद्रीय अस्पताल में हृदय रोग और कैंसर के विशेषज्ञ उपचार की सुविधा विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। बीसीसीएल प्रबंधन ने कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी विभागों के लिए अलग-अलग बहुविषयक समितियां गठित की हैं। ये समितियां विशेषज्ञ अस्पतालों की व्यवस्था का अध्ययन करने के बाद केंद्रीय अस्पताल के उन्नयन की योजना तैयार करेंगी।

सात सदस्यों वाली कार्डियोलॉजी समिति तीन और चार सितंबर को कोलकाता के बीएम बिड़ला अस्पताल के अध्ययन दौरे पर है। समिति वहां हृदय रोगों की जांच और उपचार में उपयोग होने वाले उपकरणों, विशेषज्ञ चिकित्सकों, आईसीयू, तकनीकी व्यवस्था तथा अन्य जरूरी आधारभूत सुविधाओं की जानकारी जुटाएगी।

ऑन्कोलॉजी सेवाओं के लिए गठित दूसरी सात सदस्यीय समिति 11 और 12 सितंबर 2026 को जमशेदपुर के मेहरबाई टाटा मेमोरियल अस्पताल का दौरा करेगी। वहां कैंसर की जांच और उपचार में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक, उपकरणों तथा विशेषज्ञ सेवाओं का अध्ययन किया जाएगा। दोनों समितियों का गठन मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रभारी की ओर से 28 अगस्त को जारी पत्र के तहत किया गया है।

अध्ययन दौरे पूरे होने के बाद समितियों को दस दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। रिपोर्ट में अस्पताल की मौजूदा संरचना के उन्नयन, नए उपकरणों और तकनीकी व्यवस्थाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकों की आवश्यकता तथा वित्तीय पहलुओं का विवरण शामिल किया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर दोनों विभाग शुरू करने की विस्तृत कार्ययोजना बनेगी।

प्रबंधन का लक्ष्य एक नवंबर को होने वाले कोल इंडिया स्थापना दिवस समारोह से लेकर दिसंबर तक अस्पताल में कार्डियोलॉजी और ऑन्कोलॉजी की सुविधाएं शुरू करना है। हालांकि सेवाओं का स्वरूप, उपलब्ध उपचार और शुरुआत की अंतिम समयसीमा समितियों की रिपोर्ट तथा उसके बाद तैयार होने वाली कार्ययोजना पर निर्भर करेगी।

प्रस्तावित सेवाओं से बीसीसीएल के करीब 30 हजार कार्यरत श्रमिकों, लगभग 20 हजार सेवानिवृत्त अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों समेत दो लाख से अधिक श्रमिक परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। ठेका श्रमिकों के परिवारों तथा सिंफर, सीएमपीएफ, आईआईटी आईएसएम और डीजीएमएस सहित धनबाद के प्रमुख संस्थानों के कर्मियों के लिए भी यह सुविधा उपयोगी हो सकती है। अभी गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए कोलकाता, जमशेदपुर, दिल्ली या मुंबई जैसे शहरों की ओर जाना पड़ता है।