धनबाद में बीसीसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल को कथित रूप से जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में सरायढेला थाना पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है। इसी क्रम में शनिवार को बरोरा एरिया के महाप्रबंधक केके सिंह थाने पहुंचे। पुलिस ने उनसे उस घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली, जिसके आधार पर मामला दर्ज कराया गया था।
मामले की शुरुआत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के एक जवान से मिली सूचना के बाद हुई थी। प्रकाशित विवरण के अनुसार, जवान ने धनबाद रेलवे स्टेशन से कोयला भवन की ओर जा रहे एक टेम्पो में दो लोगों की बातचीत सुनी थी। दोनों व्यक्ति रणधीर वर्मा चौक के पास वाहन में सवार हुए थे। बातचीत में बीसीसीएल सीएमडी को लेकर कथित धमकी और इसके लिए रकम की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था।
टेम्पो से उतरने के बाद जवान ने सबसे पहले बरोरा एरिया के महाप्रबंधक केके सिंह को इस बातचीत की सूचना दी। इसके बाद बीसीसीएल के महाप्रबंधक सुरक्षा मोहम्मद हफीजूल कुरेशी ने सरायढेला थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अब पुलिस ने सूचना की कड़ी और उससे जुड़े तथ्यों को समझने के लिए महाप्रबंधक सिंह से विवरण लिया है।
पुलिस ने पूछताछ या अब तक की जांच से निकले निष्कर्षों के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए टेम्पो में हुई बताई जा रही बातचीत, उसमें शामिल लोगों की पहचान और कथित धमकी के पीछे की मंशा की आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। जांच में इन बिंदुओं की सत्यता स्पष्ट होना बाकी है।
यह मामला उस समय सामने आया था जब बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से अवैध कोयला खनन, परिवहन और रंगदारी वसूली के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा था। इस अभियान के दौरान अवैध कोयला और ट्रकों की जब्ती की कार्रवाई भी की गई थी। हालांकि कथित धमकी का इस अभियान से सीधा संबंध जांच पूरी होने से पहले स्थापित नहीं माना जा सकता।
सरायढेला पुलिस की मौजूदा कार्रवाई से संकेत मिलता है कि प्राथमिकी में दर्ज सूचना से जुड़े व्यक्तियों से क्रमवार तथ्य जुटाए जा रहे हैं। आगे की जांच और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित बातचीत किसने की थी और मामले में किसी व्यक्ति की भूमिका प्रमाणित होती है या नहीं।