बोकारो में अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट ने अतिरिक्त आदेश से किया इनकार

झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट टाउनशिप और शहर में सेल तथा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने से जुड़ी जनहित याचिका निष्पादित कर दी।

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झारखंड हाईकोर्ट ने बोकारो स्टील प्लांट टाउनशिप और शहर के विभिन्न इलाकों में सेल तथा सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने की मांग वाली जनहित याचिका निष्पादित कर दी है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने उपलब्ध रिकॉर्ड और अधिकारियों की ओर से की जा रही कार्रवाई को देखते हुए अतिरिक्त निर्देश जारी करने की आवश्यकता नहीं मानी।

अदालत के अनुसार, संबंधित अधिकारी अतिक्रमण हटाने के साथ अनधिकृत रूप से आवंटित आवासों में रह रहे लोगों को बेदखल करने की दिशा में कार्रवाई कर रहे हैं। कई मामलों में बेदखली के आदेश भी पारित किए जा चुके हैं। खंडपीठ ने कहा कि इन तथ्यों के आधार पर इसे अधिकारियों की पूरी निष्क्रियता का मामला नहीं माना जा सकता।

यह जनहित याचिका अधिवक्ता भगवान प्रसाद साहू की ओर से दाखिल की गई थी। इसमें बोकारो स्टील प्लांट टाउनशिप और शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड तथा सरकारी जमीन पर बताए गए अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश देने का आग्रह किया गया था।

याचिका में बीएसएल के राज्य अधिकारी की ओर से पारित आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने की मांग भी की गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, संबंधित आदेश सेल की करीब 500 एकड़ जमीन पर बने लगभग चार हजार कच्चे-पक्के मकानों और खटालों से अनधिकृत निर्माण हटाने से जुड़ा था।

सुनवाई के बाद अदालत ने माना कि प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और बेदखली से संबंधित आदेश भी दिए गए हैं। इसी आधार पर खंडपीठ ने किसी नए या अतिरिक्त निर्देश के बिना याचिका का निष्पादन कर दिया। अदालत के इस निर्णय से संबंधित अधिकारियों की पहले से जारी कार्रवाई और लागू प्रक्रिया ही आगे बढ़ेगी।