बोकारो के बालीडीह थाना परिसर में आयोजित मासिक अपराध समीक्षा बैठक में साइबर ठगी की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए राशि के आधार पर व्यवस्था स्पष्ट की गई। पुलिस पदाधिकारियों से कहा गया कि दो लाख रुपये से कम की ठगी के मामले संबंधित थाने में और दो लाख रुपये से अधिक के मामले साइबर थाने में दर्ज किए जाएं।
मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में बालीडीह, माराफारी और साइबर थाने के प्रभारी, बालीडीह ओपी के प्रभारी तथा अनुसंधानकर्ता शामिल हुए। बैठक में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जांच तेज करने, आरोपितों की गिरफ्तारी और मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
अनुसंधानकर्ताओं को निर्धारित 60 और 90 दिनों की अवधि के भीतर न्यायालय में आरोपपत्र समर्पित करने को कहा गया। इसके साथ ही वारंट और नोटिस का समय पर तामीला कराने तथा दुर्घटना से संबंधित मामलों में मुआवजा प्रस्ताव निर्धारित समय पर भेजने पर भी जोर दिया गया। धारा 35(3) के तहत आरोपित को दिए जाने वाले नोटिस में एकरूपता रखने का निर्देश भी मिला।
पुलिस को जमानत पर बाहर आए आरोपितों की सूची तैयार कर उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है। प्रत्येक पदाधिकारी को अपने बीट क्षेत्र में नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया। गश्ती व्यवस्था की पहुंच बेहतर बनाने के लिए क्यूआर कोड के उपयोग पर भी जोर दिया गया।
बैठक में थाना आने वाले पीड़ितों और आम नागरिकों के साथ बेहतर व्यवहार करने की हिदायत दी गई। सभी बीट पदाधिकारियों को सप्ताह में एक दिन किसी निर्धारित विषय पर जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया। मौजूदा सप्ताह में बैंक पासबुक, एटीएम, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग की जानकारी और ओटीपी साझा नहीं करने के बारे में लोगों को सचेत करने का निर्देश है।
अवैध गांजा, अफीम, शराब और पशु तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को भी कहा गया। समीक्षा के दौरान छह-छह विशेष प्रतिवेदित मामलों का निष्पादन करने वाले बालीडीह के पुलिस अवर निरीक्षक जितेंद्र कुमार यादव और माराफारी के पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार के काम की सराहना की गई तथा दोनों को पुरस्कृत करने की अनुशंसा की बात कही गई।