बोकारो मेडिकल कॉलेज में 2027-28 से पढ़ाई शुरू करने की तैयारी, 100 एमबीबीएस सीटें प्रस्तावित

सेक्टर 12 में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं 500 बेड के अस्पताल का निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। उसी महीने ओपीडी शुरू करने की तैयारी है।

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बोकारो के सेक्टर 12 में निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल

बोकारो इस्पात नगर के सेक्टर 12 में निर्माणाधीन सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल को मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना स्थल का निरीक्षण कर चुके राज्य के अपर मुख्य सचिव ने भवन निर्माण का काम तय अवधि में पूरा करने का निर्देश दिया है। अस्पताल में मार्च 2027 से ओपीडी और चिकित्सा सेवाएं शुरू करने की तैयारी भी चल रही है।

प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें उपलब्ध कराने की योजना है। यहां 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से मेडिकल की पढ़ाई और विद्यार्थियों का दाखिला शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कॉलेज शुरू होने पर झारखंड में एमबीबीएस की कुल उपलब्ध सीटों में 100 सीटों की वृद्धि होगी।

परिसर में 500 बेड का आधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, यहां न्यूरो, ट्रामा और कैंसर समेत विभिन्न विभागों में इलाज की सुविधा विकसित करने की योजना है। अस्पताल और कॉलेज की अनुमानित लागत 700 से 720 करोड़ रुपये के बीच बताई गई है।

मेडिकल विद्यार्थियों के लिए छात्रावास और अलग-अलग छात्र तथा छात्रा आवास भी परियोजना में शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अकादमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम, खेल मैदान, बहुद्देशीय हॉल और अतिथि शिक्षकों के लिए कक्ष बनाने की योजना है। चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए आवास की व्यवस्था भी प्रस्तावित परिसर का हिस्सा होगी।

कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे किया जा रहा है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले मरीजों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। परियोजना पूरी होने के बाद एक ही परिसर में चिकित्सा शिक्षा, ओपीडी और अस्पताल की सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

निर्माण पूरा करने, ओपीडी शुरू करने और शैक्षणिक सत्र आरंभ करने के लिए फिलहाल मार्च 2027 तथा सत्र 2027-28 की समयसीमा रखी गई है। इन सेवाओं की वास्तविक शुरुआत निर्माण की प्रगति और आवश्यक तैयारियां पूरी होने पर निर्भर करेगी। परियोजना से बोकारो के साथ राज्य के अन्य जिलों के मरीजों और मेडिकल शिक्षा लेने वाले विद्यार्थियों को भी सुविधा मिलने की संभावना है।