रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में महत्वपूर्ण वार्डों, आईसीयू और अन्य भवनों को निर्बाध बिजली देने के लिए नया पावर सर्विस ब्लॉक बनाया जाएगा। पुराने भवनों के जीर्णोद्धार और विभिन्न विभागों में नए चिकित्सा तथा विद्युत उपकरण लगाए जाने से संस्थान का बिजली भार बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने की योजना तैयार की गई है।
नया पावर सर्विस ब्लॉक रिम्स के पोस्टमार्टम हाउस परिसर में प्रस्तावित है। यहां 4000 केवीए क्षमता वाले तीन ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे। इस केंद्र से संस्थान के ओपीडी, आईपीडी और न्यू एकेडमिक ब्लॉक को विद्युत आपूर्ति व्यवस्था से जोड़ा जाएगा।
योजना के तहत आईपीडी के मेडिसिन, सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, शिशु रोग, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा हड्डी रोग विभाग के वार्ड नए पावर ब्लॉक से जुड़ेंगे। मेडिसिन, सर्जरी और न्यूरो सर्जरी विभागों के आईसीयू को भी इसी व्यवस्था से बिजली उपलब्ध कराने की तैयारी है। इन विभागों में कई जीवनरक्षक उपकरण संचालित होने के कारण लगातार विद्युत आपूर्ति को महत्वपूर्ण माना गया है।
रिम्स की पुरानी इमारत में वार्डों और अन्य विभागों के उन्नयन का काम चल रहा है। जीर्णोद्धार के दौरान कई स्थानों पर नए मेडिकल उपकरण, एयर कंडीशनर और दूसरे विद्युत उपकरण लगाए जाने हैं। इनके चालू होने पर मौजूदा प्रणाली पर अतिरिक्त भार पड़ सकता है।
प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य बढ़े हुए लोड के कारण बिजली ट्रिप होने की स्थिति से बचना है, ताकि चिकित्सा उपकरणों का संचालन प्रभावित न हो। विशेष रूप से पुराने भवन में संचालित प्रमुख विभागों और आईसीयू की जरूरतों को ध्यान में रखकर बिजली आपूर्ति के ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है।
पावर सर्विस ब्लॉक के लिए आधारभूत संरचना तैयार करने की जिम्मेदारी झारखंड स्टेट बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड को दी गई है। भवनों के जीर्णोद्धार के साथ विद्युत प्रणाली में प्रस्तावित यह विस्तार रिम्स के विभिन्न चिकित्सा विभागों को बढ़ते बिजली भार के अनुरूप तैयार करने की योजना का हिस्सा है।