भवनाथपुर के 57 सरकारी स्कूलों में उधार से चल रहा मध्याह्न भोजन

मध्याह्न भोजन और विद्यालय विकास मद की राशि समय पर नहीं मिलने के कारण भवनाथपुर के प्रधानाध्यापक स्थानीय दुकानदारों से उधार लेकर बच्चों के भोजन की व्यवस्था कर रहे हैं।

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भवनाथपुर के सरकारी विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए मध्याह्न भोजन की व्यवस्था

गढ़वा जिले के भवनाथपुर प्रखंड में सरकारी राशि के भुगतान में देरी के बीच 57 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था उधार के सहारे चल रही है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानाध्यापक स्थानीय दुकानदारों से खाद्य सामग्री लेकर बच्चों के लिए नियमित भोजन जारी रखे हुए हैं। हालांकि, इस व्यवस्था से उन पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।

प्रभावित संस्थानों में राजकीय प्राथमिक विद्यालय अरसली उत्तरी, राजकीय प्राथमिक विद्यालय झुमरी, पीएमश्री उच्च विद्यालय घाघरा और उत्क्रमित विद्यालय दौंड़ खैरा भी शामिल बताए गए हैं। धन की कमी के बावजूद इन विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बंद नहीं हुआ है, लेकिन जरूरी सामान जुटाने के लिए प्रधानाध्यापकों को अपनी साख और दुकानदारों के सहयोग पर निर्भर रहना पड़ रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से विद्यालय विकास मद की राशि नहीं मिलने की शिकायत है। इसके साथ ही चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में मध्याह्न भोजन योजना के अंडा और फल मद का भुगतान भी लंबित बताया गया है। दोनों मदों से जुड़ी परेशानी ने विद्यालयों की दैनिक व्यवस्था को प्रभावित किया है।

कुछ प्रधानाध्यापकों पर दुकानदारों का बकाया लाखों रुपये तक पहुंचने की बात सामने आई है। भुगतान कब उपलब्ध होगा, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं होने से पुराने उधार को चुकाने और आगे भोजन जारी रखने की चुनौती बनी हुई है। प्रधानाध्यापक पढ़ाई की जिम्मेदारी के साथ भोजन और पोषण की व्यवस्था भी संभाल रहे हैं।

मध्याह्न भोजन योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति को प्रोत्साहित करना है। ऐसे में राशि जारी होने में देरी से योजना का संचालन स्थानीय स्तर पर अस्थिर हो सकता है। फिलहाल विद्यालयों ने वैकल्पिक व्यवस्था बनाकर बच्चों को भोजन देना जारी रखा है।

रिपोर्ट में संबंधित विभाग की ओर से भुगतान की समय-सीमा या इस संकट पर किसी अधिकारी की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। प्रधानाध्यापकों को उधार से राहत देने और बच्चों के भोजन की निरंतरता बनाए रखने के लिए लंबित राशि के भुगतान की स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है।