महेशपुर की गुरु गोष्ठी में एमडीएम, यू-डायस और स्कूल सुविधाओं की समीक्षा

महेशपुर प्रखंड की गुरु गोष्ठी में विद्यालयों से मध्याह्न भोजन की रिपोर्ट, यू-डायस प्लस अपडेट, विद्यार्थियों की स्वास्थ्य जांच और आधार अद्यतन समय पर पूरा करने को कहा गया।

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महेशपुर बीआरसी सभागार में गुरु गोष्ठी के दौरान उपस्थित शिक्षक

पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड स्थित बीआरसी सभागार में गुरुवार को आयोजित गुरु गोष्ठी में सरकारी विद्यालयों की शैक्षणिक और प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी सुधा कुमारी ने की। इसमें महेशपुर वन और महेशपुर टू क्षेत्र के विद्यालयों से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।

बैठक में विद्यालयों को पिछले महीने के मध्याह्न भोजन की मासिक रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया। स्कूल किट वितरण की स्थिति पर भी जानकारी ली गई। अधिकारियों ने यू-डायस प्लस में मांगी गई सूचनाओं को अद्यतन करने और संबंधित विवरण निर्धारित समय पर उपलब्ध कराने को कहा।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति भी समीक्षा के प्रमुख बिंदुओं में शामिल रही। सितंबर के दौरान बच्चों की स्वास्थ्य जांच कराने तथा विद्यार्थियों के आधार विवरण को अपडेट करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया। विद्यालय स्तर पर संचालित योजनाओं की रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार रखने पर जोर दिया गया।

गोष्ठी में प्रयास कार्यक्रम और पुस्तक वितरण से संबंधित काम की प्रगति देखी गई। प्रोजेक्ट रेल तथा प्रोजेक्ट इंपैक्ट की गतिविधियों पर भी चर्चा हुई। बीईईओ ने विद्यालयों में चल रही सभी योजनाओं और कार्यक्रमों को तय दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित करने को कहा।

विद्यालय भवनों और दूसरी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी बैठक के एजेंडे में रही। स्कूलों से निर्माणाधीन कार्यों, जर्जर भवनों और खराब शौचालयों के बारे में विवरण मांगा गया। इसके साथ ही शिक्षकों के अवकाश से संबंधित जानकारी समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि प्रशासनिक अभिलेख अद्यतन रखे जा सकें।

बैठक में बीपीओ किशन भगत, गणेश कुमार भगत, अब्दुश सामद और सागर माल सहित प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। गोष्ठी में दिए गए निर्देशों का केंद्र समयबद्ध रिपोर्टिंग, विद्यार्थियों से जुड़े रिकॉर्ड का अद्यतन और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी जुटाना रहा।