धनबाद की मुनीडीह परियोजना और उससे जुड़े श्रमिक हितों की 25 सूत्री मांगों को लेकर जनता श्रमिक संघ ने 28 सितंबर को एकदिवसीय धरना देने की घोषणा की है। प्रस्तावित धरना पश्चिमी झरिया क्षेत्र के मुनीडीह मुख्य द्वार पर आयोजित किया जाएगा। संघ ने कार्यक्रम की सूचना परियोजना और क्षेत्रीय प्रबंधन को दे दी है।
संघ के केंद्रीय उपाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह ने मुनीडीह परियोजना और क्षेत्रीय महाप्रबंधक को पत्र सौंपकर मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। संगठन ने ठेका मजदूरों को किए जाने वाले भुगतान का पूरा विवरण उपलब्ध कराने और उनके बकाया एरियर का भुगतान करने की मांग प्रमुखता से रखी है।
मांगपत्र में कार्यस्थल की सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने का विषय भी शामिल है। संघ ने किसी दुर्घटना में क्षतिग्रस्त संपत्ति तथा उसके लिए जिम्मेदार कर्मियों से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार श्रमिकों से जुड़े इन विषयों पर प्रबंधन को शीघ्र कदम उठाना चाहिए।
मुनीडीह की श्रमिक कॉलोनियों और आसपास की बुनियादी सुविधाओं में सुधार की मांग भी उठाई गई है। इनमें नालियों की सफाई, जल निकासी की व्यवस्था, खराब सड़कों एवं भवनों की मरम्मत और बिजली के पुराने तारों को बदलना शामिल है। ग्राम दुबराजडीह में जलापूर्ति व्यवस्था बेहतर करने की मांग भी पत्र में दर्ज है।
इसके अलावा संघ ने बालूडीह शॉपिंग सेंटर का टेंडर कराने, धोबनी रेलवे पुल की मरम्मत करने और मुनीडीह बाजार की दुकानों का किराया निर्धारित करने की मांग की है। ईंट-भट्ठा परियोजना से हटाए गए करीब 150 स्थानीय मजदूरों को दोबारा काम देने का मुद्दा भी 25 सूत्री मांगपत्र का हिस्सा है।
संघ ने प्रबंधन से धरने की निर्धारित तारीख से पहले मांगों पर कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में प्रबंधन की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार संगठन 28 सितंबर को मुख्य द्वार पर धरना देकर श्रमिक भुगतान, सुरक्षा, रोजगार और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाएगा।